10 वीं वर्ल्ड क्रॉसबो शूटिंग चैंपियनशिप में भारत बना विश्व विजेता,जीते कुल 36 मेडल।



−मैच प्ले राउंड के साथ समापन हुआ,10 वीं वर्ल्ड क्रॉसबो शूटिंग चैपिंयनशिप का।

−यूरोपियन खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने दी जबरदस्त टक्कर,सबसे कम मेडल 3 जीते यूके ने।

−दो माह के बच्चे को गोद में लेकर भारतीय महिला खिलाड़ी ने साधा निशाना,जीता सिल्वर मेडल।

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। एक के बाद एक खिलाड़ी तीर कमान यानि क्रॉसबो से निशाना साध रहे थे,जिसके जितने निशाने सटीक लगे वो ही विश्व विजेता की दौड़ में आगे निकला। दुनिया के सात देशों के मध्य जब भारतीय खिलाड़ियों ने परचम लहराया तो प्रांगण वंदे मातरम के जयघोष से गूंज उठा। भारत ने कुल 36 मेडल अपने नाम दर्ज किये। 

पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में चल रही 10 वीं वर्ल्ड क्रॉसबो शूटिंग चैंपियनशिप का समापन पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह, पूर्व मंत्री राजा महेंद्र अरिदमन सिंह,सीबीएसइ कॉर्डिनेटर रामानंद चौहान ने देश विदेश के खिलाड़ियों का उत्साह वर्धन किया। इंडियन क्रासबो शूटिंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजत विज ने बताया कि दो दिन के राउंड के बाद मंगलवार को मैच प्ले राउंड हुआ,जिसमें खिलाड़ियों ने तीन−तीन एरो चलाए। रोमांचक मुकाबले में मानसिक और शारीरिक संतुलन का ध्यान रखते हुए खिलाड़ियों को निशाने साधने थे। 

इंडियन क्रासबो शूटिंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हिना विज ने बताया कि वर्ल्ड चैपिंयनशिप एशिया में पहली बार आयोजित की गयी थी। ये गर्व की बात है कि चैंपियनशिप की मेजबानी करने का अवसर आगरा को मिला। प्रतिस्पर्धा में तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र, केरल, यूपी समेत एस्टोनिया,आस्ट्रेलिया, स्वीडन, फिनलैंड, यूएसए, यूके और पुर्तगाल से आए 65 खिलाड़ियों ने भाग लिया। चार दिवसीय प्रतिस्पर्धा में निर्णायक वर्ल्ड क्रासबो शूटिंग एसोसिएशन के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्टुअर्ट एटकिन्स, इंडियन क्रासबो शूटिंग एसोसिएशन की उपाध्यक्ष हिना विज और सचिव गौरव कोहली थे। 

किस देश ने जीते कितने मेडल।

इंडिया − 36 

एस्टोनिया − 35

स्वीडन − 9

यूएसए − 4

यूके −  3

दो माह के बेटे को गोद में लेकर पहना मेडल।

इसे खेल स्पर्धा ही कहेंगे कि दो माह के बेटे को गोद में लेकर दिल्ली से आगरा चैंपियनशिप में भाग लेने महिला खिलाड़ी दीप शिखा पहुंची। गोद में बेटे को लिए जब वो सिल्वर मेडल पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह के हाथाें प्राप्त कर रही थीं तो एक मां और एक खिलाड़ी दोनों का उत्साह उनके चेहरे पर दिख रहा था। फ्रीस्टाइल वूमन कैटेगरी में सिल्वर जीतने वाली दीप शिखा ने बताया कि वो विगत 13 वर्ष से क्रॉसबो खेल रही हैं। उनके पति कमलजीत जो कि एशिया में तृतीय स्थान प्राप्त खिलाड़ी हैं,उन्हीं की प्रेरणा से वो इस खेल में आयीं। 

सीबीएसई में शामिल होगा क्रॉसबो खेल। 

आयोजन में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने पहुंचे सीबीएसई बोर्ड कॉर्डिनेटर रामानंद चौहान ने घोषणा की कि क्रॉसबो खेल को सीबीएसई बोर्ड के सभी स्कूलों में शामिल किया जाएगा। क्योंकि ये खेल मानसिक और शारीरिक संतुलन और एकाग्रता बढाता है,इसलिए इसे शिक्षा में शामिल करना लाभदायक रहेगा।