भगवान शिव की परम उपासना से भगवत साक्षात्कार संभव है : संत श्री रसराज जी महाराज

गौ महिमा महोत्सव में शिव महापुराण और संत श्री रसराज जी महाराज की आरती उतारते मुख्य यजमान मनोज यादव एवं उनकी धर्म पत्नी तथा अन्य श्रद्धालु।
गौसेवी संत श्री गोपेश कृष्ण दास जी महाराज

भारत को जगतगुरु बनाना है तो भारत के प्राण तत्व गौ माता की सेवा,सुरक्षा, संवर्धन और समादर पर सनातन समाज को पूरा ध्यान देना ही होगा : ग्वाल संत श्री गोपालानंद जी महाराज

इस कलिकाल में गौ माता का कोई नहीं रखवाला..

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। भारत को दिव्य,भव्य,अखंड, सनातन राष्ट्र और जगतगुरु बनाना है तो भारत के प्राण तत्व गौ माता की सेवा, सुरक्षा,संवर्धन और समादर पर सनातन समाज को पूरा ध्यान देना ही होगा।

यह उद्गार सूरसदन में चल रहे गौ महिमा महोत्सव के समापन पर मंगलवार शाम ग्वाल संत श्री गोपालानंद जी ने व्यक्त किए। 

उन्होंने ऋषि गौतम अहिल्या प्रकरण के माध्यम से समझाया कि गौ माता प्रभु प्राप्ति में साधक बनने वाली सदगृहणी प्रदान करती है। पुराणों के माध्यम से समझाया कि जिस निवास में सेवा से संतुष्ट गौ माता का पवित्र गोमय गिरता है, वहाँ साक्षात लक्ष्मी जी का निवास रहता है। उन्होंने कहा कि अंतिम क्षण तक जो भावपूर्वक गौ की सेवा करता है,उसके लिए वैतरिणी किनारे गौ माता आती है। वह जीव गौ माता की पूँछ पकड़कर वैतरिणी पार करके वैकुंठ चला जाता है। 

इस दौरान इस भजन पर सब मगन हो गए- "इस कलिकाल में गौ माता का कोई नहीं रखवाला। अब आ जाओ गोपाला..

 शिव महापुराण कथा के विश्राम दिवस पर पूज्य संत श्री रसराज महाराज ने कहा कि भगवान शिव की परम उपासना से भगवत साक्षात्कार संभव है। भगवान शिव की ही कृपा से गुजरात के महान भक्त नरसी मेहता को अति गोपनीय महारास का दर्शन करने का सौभाग्य मिला। भगवान शिव को भगवान श्री कृष्ण का महारास अत्यंत प्रिय है। भगवान शिव स्वयं रास देखने के लिए गोपी रूप धारण कर वृंदावन आते हैं। इसीलिए वह गोपीश्वर कहलाते हैं।गोपीश्वर महादेव के इस कथा- प्रसंग में इस भजन पर सब थिरक उठे- "एक दिना भोले भंडारी,बनकर के ब्रज की नारी, रास में आ गए हैं।

कथा समापन पर पार्षद मुरारीलाल गोयल पेंट वाले,पूर्व पार्षद कुंदनिका शर्मा, सुमन गोयल और कुमकुम उपाध्याय द्वारा महिला श्रद्धालुओं को मंगल कलश वितरित किए गए। सुबह श्रद्धालुओं ने पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका अभिषेक किया। 

आयोजन समापन के अवसर पर आयोजन संरक्षक गौसेवी संत श्री गोपेश कृष्णदास जी ने 'हिन्दुस्तान वार्ता'स्टेट हैड धर्मेन्द्र कु.चौधरी से वार्ता के दौरान सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए,ये संदेश दिया कि सभी सनातनी गौमाता की सेवा करें। उनके दूध,गोबर,मूत्र का यथाउचित उपयोग करें। इससे हो चुके दूषित मन में शुद्धता आएगी। कहा भी गया है कि जैसा खाओ अन्न,वैसा हो मन। जैसे-जैसे मन शुद्ध होगा,आप सभी के सहयोग से सनातन धर्म की यश पताका देश ही नहीं पूरे ब्रह्मांड में फहरेगी। आप भगवान श्री कृष्ण जी से प्रेरणा लें,कि उन्होंने गौमाता को विशेष महत्व दिया,गौपालन,गौचारण,गौ पूजा कर वे श्री गोपाल बने। भगवान श्री गोपाल जी ने भी गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण की थी।आप सभी महानुभाव बालकों को गुरुकुल पर आधारित शिक्षा आवश्य दिलाएं।आगे यही होनहार बालक सनातन धर्म को ऊंचाईयों पर पहुँचाएंगे। जय श्री महाकाल..जय श्री राधे गोपाल...।

 गौसेवी संत श्री गोपेश कृष्ण दास जी,साध्वी निष्ठा गोपाल सरस्वती जी, पार्षद मुरारी लाल गोयल पेंट वाले,पूर्व पार्षद कुंदनिका शर्मा, ऋषि उपाध्याय,मुख्य यजमान मनोज यादव एवं उनकी धर्मपत्नी तथा सुनील शर्मा, प्रवीण - भारद्वाज,रामसेवक यादव,दीपेश उपाध्याय,उमा दत्त शर्मा, इंद्रदीप जैन, नितेश बंसल एड.,प्रवीण आर्य, प्रियंका ठाकुर, आकाश त्यागी,ऋषि रंजना, विजय ओझा, सनातन केसरी प्रमुख रूप से आरती में शामिल रहे।

रिपोर्ट -मनोहर लाल चुघ