बल्केश्वर में बाल कृष्ण भगवान की बाल लीलाओं और गोवर्धन लीला संग,छप्पन भोग की झाँकी

गिरिराज धरण प्रभु तुम्हरी शरण..

 परमात्मा की निकटता चाहते हो तो मन की संकीर्णता दूर करो, मेरे तेरे का भेद खत्म करो : राष्ट्रीय संत श्री चिन्मयानंद बापू

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। 26 अगस्त,नंद बाबा के घर में भगवान कृष्ण आए तो नंद बाबा महामना हो गए। महामना वह है जिसके मन से मेरे तेरे का भेद मिट जाए। अगर आप परमात्मा की निकटता चाहते हो मन की संकीर्णता दूर करो। मन से मेरे तेरे का भेद मिटा दो। ये उद्गार विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट आगरा इकाई द्वारा बल्केश्वर पार्क में आयोजित भागवत कथा के पंचम दिवस पर मंगलवार शाम राष्ट्रीय संत पूज्य चिन्मयानंद बापू ने खचाखच भरे पंडाल में बैठे हजारों भक्त श्रद्धालुओं के समक्ष भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए व्यक्त किए।

पूज्य बापू ने प्रभु के नामकरण संस्कार व अन्य संस्कारों की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि आज हम आधुनिकता की दौड़ और होड़ में अपने संस्कार भूलते जा रहे हैं। हमें वापस अपनी सनातन भारतीय संस्कृति की ओर लौटना पड़ेगा। उन्होंने समझाया कि अपने बच्चों के जन्मदिन पर पूजन-हवन अवश्य करें। नित्य करें तो और भी अच्छा। जब वेद पाठी ब्राह्मण वेद मंत्र पढ़ते हैं तो पूरा वातावरण पवित्र हो जाता है। पूरा घर पवित्र सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।

माखन चोरी लीला के प्रसंग में जब ग्वाल-बाल अभी गुप्ता, शुभम गुप्ता, निमित गुप्ता, तानी गुप्ता और रिद्धि सुगंधी के सँग बालकृष्ण स्वरूप प्रशल गोयल* ने जब माखन खाने के लिए मटकी फोड़ी तो पूरे पंडाल में उल्लास छा गया।

गोवर्धन लीला के प्रसंग में गिरिराज धरण प्रभु तुम्हरी शरण भजन पर सब झूम उठे। गिरिराज जी भगवान के जयकारों से पंडाल गूँज उठा। दिव्य छप्पन भोग की अलौकिक झाँकी के दर्शन कर सब निहाल हो गए।

कथा के दौरान गिरिराज जी के सेवायत गणेश पहलवान ने जब चुनरी ओढ़ा कर पूज्य चिन्मयानंद बापू को गोपेश्वर भगवान के रूप में सम्मानित किया तो हर्ष ध्वनि से पूरा कथा पंडाल गूँज उठा। सामाजिक और धार्मिक सरोकार के तहत भक्तों को हनुमान चालीसा का वितरण किया गया।

27 अगस्त को रुक्मणी मंगल की कथा :

 मुख्य संरक्षक और मार्गदर्शन डॉ.विजय किशोर बंसल, विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्ट्री समाजसेवी पार्षद मुरारी लाल गोयल पेंट वाले एवं ट्रस्टी श्रीमती सुमन गोयल ने बताया कि कथा के छठवें दिन बुधवार शाम 3:00 बजे से महारास और भगवान कृष्ण-रुक्मणी के विवाह की कथा और झाँकी के दर्शन होंगे।

ये रहे आरती में शामिल :

 कथा के विश्राम पर मुख्य यजमान श्रीमती विनीता सुगंधी,गोविंद सुगंधी, अमित सुगंधी,हिमांशु सुगंधी,आशीष सुगंधी,दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राकेश गर्ग, राजेश अग्रवाल (प्राचीन पेठा), तीरथ कुशवाह,अखिल बंसल, नेहा गोयल, जागृति मित्तल, पूर्व पार्षद दीपक ढल, पार्षद शरद चौहान,पार्षद हरिओम बाबा,पार्षद पूजा बंसल और गिर्राज बंसल ने आरती उतारी। मयंक वैध ने संचालन किया। प्रयास फाउंडेशन ने व्यवस्थाएँ संभालीं।