जिला सिंचाई बंधु बैठक में टेल फीडिंग, नालों की सफाई और परियोजनाओं की समीक्षा
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। प्रस्तावित ताज बैराज (रबर डैम) परियोजना को लेकर बड़ा निर्णय सामने आया है। अब रबर डैम के स्थान पर पारंपरिक बैराज निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मजू भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित जिला सिंचाई बंधु बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बैठक में ताज बैराज निर्माण खंड के सहायक अभियंता ने बताया कि परियोजना के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी), भारत सरकार से अनापत्ति मिलना शेष है। केंद्रीय जल आयोग की तकनीकी रिपोर्ट में रबर डैम के बजाय पारंपरिक बैराज निर्माण का सुझाव दिया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने यमुना नदी पर प्रस्तावित बैराज की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्रीष्मकालीन सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि लोअर खंड में 75 नहरों की टेल फीडिंग पूरी की जा चुकी है तथा 125 तालाबों को पानी से भरने का कार्य जारी है। अध्यक्ष ने सभी तालाबों को पानी से भरपूर रखने के निर्देश दिए।
डॉ.भदौरिया ने सिंचाई विभाग को खरीफ फसली वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही गत वर्ष की पूर्ण एवं अपूर्ण परियोजनाओं की सूची तथा नई स्वीकृत परियोजनाओं की जानकारी दो दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि मांग के बावजूद विभागीय सूचियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
वर्षा ऋतु से पहले नालों की सफाई सुनिश्चित करने तथा साफ कराए जाने वाले नालों और भरे गए तालाबों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। ग्राम गोहरारी गढ़ी में बंद पड़े कुलावे को चालू कराने और ग्राम गढ़ी धर्मपाल में क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत कराने को भी कहा गया।
बैठक में किसानों ने जाजऊ नहर में पानी न आने की समस्या उठाई, जिस पर अधिकारियों ने दो दिन के भीतर पानी संचालित कराने का आश्वासन दिया। हाथरस खंड की सात नहरों तथा मथुरा शाखा की दो नहरों की टेल फीडिंग पूर्ण होने की जानकारी भी दी गई।
नलकूप विभाग ने बताया कि जिले में 333 राजकीय नलकूप चालू हालत में हैं, जबकि पांच नलकूप तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं। विभाग द्वारा आईओटी सिस्टम के माध्यम से नलकूपों को मोबाइल से संचालित करने की नई व्यवस्था भी शुरू की गई है। इसके जरिए नलकूपों को दूरस्थ स्थान से चालू-बंद किया जा सकेगा और सभी तकनीकी पैरामीटर मोबाइल पर देखे जा सकेंगे।
विद्युत विभाग ने बताया कि वर्ष 2025-26 की अधिकांश परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं तथा वर्ष 2026-27 की परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी कर कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। सौभाग्य योजना के तहत गांवों के बाहर बसे परिवारों तक बिजली पहुंचाने का कार्य भी जारी है।
वन विभाग ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में कुल 44 लाख पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें 34 लाख पौधे अन्य विभागों और 10 लाख पौधे वन विभाग द्वारा लगाए जाएंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष ने पौधरोपण में बड़े और गुणवत्तायुक्त पौधों के उपयोग तथा उनके संरक्षण पर विशेष जोर दिया।
कृषि विभाग ने बताया कि जिले में 3,84,632 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जानी है, जिनमें से अब तक 2,08,528 किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।
रिपोर्ट : असलम सलीमी


