नई निर्यात प्रोत्साहन योजना - रोडटेप (Remission of Duties & Taxes on Export Products) के तहत एक्सपोर्ट वैल्यू पर इंसेंटिव दर हुई कम:नेशनल चैम्बर

एक्सपोर्ट वैल्यू पर इंसेंटिव दर कम होने से निर्यात व्यापार, रोजगार एवं देश की अर्थव्यवस्था होगी प्रभावित।

चेंबर ने लिया संज्ञान - माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को लिखा पत्र। 

हस्तशिल्प, कास्टिंग, डीजल इंजन एवं पंप सेटों पर इंसेंटिव दर बढ़ाने की की मांग।

एक्सपोर्ट आर्डर लिए गए हैं पुरानी योजना के तहत अधिक इंसेंटिव दर के आधार पर  ।

हिन्दुस्तान वार्ता।आगरा

आज दिनांक 11 सितंबर 2021 को चेंबर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल की अध्यक्षता में विदेश व्यापार प्रकोष्ठ की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें विदेश व्यापार निति के अंतर्गत MEIS योजना को बंद कर नई RoDTEP योजना के लागू होने से आये विपरीत प्रभावों पर चर्चा हुई। चैम्बर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि  सरकार ने एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए रोडटेप  स्कीम (रिमिशन आफ ड्यूटीज एंड टैक्सेस ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट्स)  को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया है जो 1 जनवरी 2021 से लागू है।  रोडटेप  के तहत एक्सपोर्ट वैल्यू पर मिलने वाली इंसेंटिव की दरों तथा इसकी गाइडलाइंस जारी की गई है।  इससे पूर्व एम्ईआईएस (Merchandise Exports from India Scheme) लागू थी, उसे 31 दिसंबर 2020 से निष्प्रभावी कर दिया है। 

विदेश व्यापार प्रकोष्ठ के चेयरमैन जय अग्रवाल ने बताया कि पुरानी योजना एम्ईआईएस  के तहत हस्तशिल्प की वस्तुओं पर 5% से 7% तक तथा  कास्टिंग, डीजल इंजन एवं पंप सेट पर एक्सपोर्ट वैल्यू पर 3% इंसेंटिव मिलता था। जिसे नई स्कीम रोडटेप के तहत हस्तशिल्प की वस्तुओं पर 1% तथा कास्टिंग पर शून्य, डीजल इंजन एवं पंपसेट पर 0.5% कर दिया है।    एक्सपोर्ट वैल्यू पर मिलने वाली प्रोत्साहन की दर कम होने से आगरा केउद्योग एवं व्यापार पर विपरीत प्रभाव पड़ा रह है। 

हस्तशिल्प कास्टिंग डीजल इंजन एवं पंप सेट आगरा के मुख्य व्यवसायों में से  हैं। इनमें में लाखों लोग संलग्न है। यह उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका रखते हैं साथ ही रोजगार परक हैं। कोरोना की कठिन परिस्थितियों से यह उद्योग पहले से ही प्रभावित हुए हुए हैं अब सरकार द्वारा नई स्कीम के तहत इंसेंटिव दर को कम करने से ये उद्योग पुनः  प्रभावित हो रहे हैं। ।

हस्तशिल्प उद्यमी मुनीश गुप्ता ने कहा के उद्यमियों द्वारा निर्यात के जो आर्डर लिए हैं वे पुरानी स्कीम एम ई आई एस में मिलने वाले इंसेंटिव को ध्यान में रखते हुए मूल्य तय करते हुए लिए हैं।  किंतु रोड टेप  में इंसेंटिव की दर कम होने से उन्हें इन ऑर्डरों के निर्यात व्यापार में काफी हानि होगी जिससे उद्यमी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बिछड़ जाएंगे।  देश की अर्थव्यवस्था एवं रोजगार दोनों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। 

चेंबर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि चेंबर ने सरकार से मांग की है कि नई रोडटेप योजना के तहत एक्सपोर्ट वैल्यू पर मिलने वाली इंसेंटिव दर को कम से कम पुरानी एमईआईएस स्कीम के तहत  मिलने वाली दरों के बराबर किया जाए।  जिससे उद्योग एवं व्यापार तथा  देश की की अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव न पड़े।  इस संदर्भ में माननीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्रीमान पियूष गोयल जी को चेंबर द्वारा एक प्रत्यावेदन भेजा जा रहा है। प्रति संलग्न। 

बैठक में अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुनील सिंघल, कोषाध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल, पूर्व अध्यक्ष सीता राम अग्रवाल, विदेश व्यापार प्रकोष्ठ के चेयरमैन जय अग्रवाल, विदेश व्यापार प्रकोष्ठ के सलाहकार राजेश अग्रवाल, अविनीश अग्रवाल, अनूप गोयल, मुनीष कुमार गुप्ता आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।