स्लिनेक्स अभ्यास : भारत-श्रीलंका के बीच लगातार बढ़ता समुद्री सहयोग

हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो

कोलंबो। भारतीय और श्रीलंकाई नौसेना के बीच द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘स्लिनेक्स’ का 12वां संस्करण 14 अगस्त को कोलंबो में शुरू हुआ। दो पड़ोसी मित्र देशों की बीच होने वाला यह वार्षिक अभ्यास दो चरणों में आयोजित हो रहा है, जिसमें कोलंबो में 14-16 अगस्त 2025 तक बंदरगाह चरण और उसके बाद 17-18 अगस्त तक कोलंबो के तट पर समुद्री चरण शामिल है। आईएनएस ज्योति के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन चेतन आर उपाध्याय और आईएनएस राणा के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन केपी श्रीसन के साथ ही भारतीय उच्चायोग के रक्षा सलाहकार कैप्टन आनंद मुकुंदन ने श्रीलंका नौसेना के महानिदेशक (संचालन) रियर एडमिरल बी लियानागामगे के साथ स्लिनेक्स-2025 के उद्घाटन समारोह में शिरकत की।

अभ्यास के वर्तमान संस्करण से दोनों समुद्री पड़ोसियों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के साथ सुरक्षित और नियम-आधारित समुद्री डोमेन बनाने में योगदान मिलेगा, जिससे भारत सरकार के ‘क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं विकास’ के संकल्प और दृष्टिकोण को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व आईएनएस ज्योति (बेड़ा टैंकर) और आईएनएस राणा (विध्वंसक) कर रहे हैं, जबकि श्रीलंकाई नौसेना की ओर से एसएलएनएस विजयबाहु (अग्रिम अपतटीय गश्ती पोत) और एसएलएनएस सयूरा (ओपीवी) अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा श्रीलंका वायु सेना के बेईएल 412 हेलीकॉप्टर भी इसमें भाग लेंगे।

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा स्लिनेक्स-2025 का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच बहुआयामी समुद्री अभियानों में अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना, आपसी समझ को बेहतर बनाना और सर्वोत्तम प्रथाओं/प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करना है। हार्बर चरण में खेलकूद कार्यक्रम, योग सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होंगे, जो दोनों नौसेनाओं के कर्मियों को एक-दूसरे से सीखने, साझा मूल्यों को सुदृढ़ करने और मैत्री एवं सौहार्द के बंधन बनाने का अवसर प्रदान करेंगे। समुद्री चरण में सतह पर फायरिंग, सामरिक युद्धाभ्यास, नौसैन्य कौशल विकास, क्रॉस डेक उड़ान सहित हेलीकॉप्टर संचालन, खोज और बचाव तथा समुद्र में विशेष बलों के संचालन जैसे बहुआयामी अभ्यास शामिल हैं, जो दोनों मित्र नौसेनाओं के बीच पहले से स्थापित उच्च स्तर की अंतर-संचालन क्षमता को और बढ़ाएंगे।

मंत्रालय के कहा हाल के वर्षों में भारतीय और श्रीलंकाई नौसेना के बीच गहन सहयोग काफी बढ़ा है,जो भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं विकास (सागर)' दृष्टिकोण के अनुरूप है।

रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी