बम्बई वालों की बगीची स्थित श्री लक्ष्मी नारायन मंदिर में धूमधाम से मनाया जन्माष्टमी पर्व




                      


वैदिक मंत्रोच्चार व विधि-विधान के साथ लड्डू गोपाल जी का किया गया जन्म।

मंदिर की आलौकिक दर्शन से भक्तगणों को हुई वृन्दावन,डाकोर व अयोध्या जैसी दिव्य अनूभूति का अनुभव

बड़ी संख्या मेे भक्तजनों द्वारा दर्शन कर ग्रहण किया गया प्रसाद

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा : 16 अगस्त,शनिवार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में बम्बई वालों की बगीची स्थित लक्ष्मी नारायन जी मंदिर में विराजमान श्री राजा रणछोर राय जी,श्री लक्ष्मीनारायण जी,श्रीराम दरबार एवं शिव परिवार की आलौकिक पोशाक व श्रृंगार एवं फूल बंगला सजाया गया। मंदिर के महन्त श्री ब्रहम प्रकाश गौड़ द्वारा विधि-विधान व मंत्रोच्चार के साथ लड्डू गोपाल जी का जन्म(अवतरण) उत्सव मनाया गया। मंदिर में काफी संख्या में भक्तजनों ने उत्साह पूर्वक प्रभु के दर्शन कर आर्शीवाद प्राप्त कर प्रसाद ग्रहण किया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में बाहर के प्रतिष्ठित व गणमान्य व्यक्ति,भक्तगण तथा समस्त बम्बई वाला परिवार उपस्थित था। 

 17 अगस्त, रविवार को प्रातः 7 बजे से भगवान श्री राजा रणछोर राय जी को पंचामृत से स्नान कराया जायेगा तथा पूरे दिन भव्य श्रृंगार व फूल बंगले के दर्शन होंगे।

बम्बई वालों की बगीची में मंदिर परिसर काफी भव्य बना हुआ है और यहां एक आकर्षक पार्क के बीच में स्थित है, जिसकी बाहर से छटा बहुत ही आलौकिक एवं दिव्य है। मंदिर में श्री लक्ष्मी नारायन,श्रीराम दरबार,राजा रणछोर राय जी, शिव परिवार, श्री गणेश जी व श्री हनुमान जी के विग्रह के दर्शन भक्तगणों पर मोहिनी प्रभाव डालते हैं,जो भक्तजन श्री लक्ष्मी नारायन जी के दर्शन करते हैं,उन्हें ऐसा प्रतीत होता है कि वे वृन्दावन में बैठे हैं। 

इसी प्रकार राजा रणछोर राय जी के दर्शन से डाकोर जी में बैठे होने तथा रामदरबार के दर्शन से अयोध्या में बैेठे होने की अनुपम अनुभूति होती है। मंदिर के महन्त श्री गौड़ जी ने बताया कि यहाँ लड्डू गोपाल जी की मूर्ति लगभग 100 वर्ष पुरानी है व इनकी कृपा से मंदिर प्रांगण में सारी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती हैं। रात्रि में मंदिर की भव्यता देखते ही बनती है।

इस अवसर पर चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल,शैलेश गोयल,दीपेश गोयल,प्रत्यूष गोयल ,गोपाल दास अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल समेत समस्त मुंबई वाला परिवार प्रमुख रूप से उपस्थित था।