विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस की पूर्व संध्या पर छलका उल्लास,बुजुर्गों ने गीत-संगीत और नृत्य से किया जीवन का उत्सव



वरिष्ठ नागरिकों की खुशी ही है असली पूंजी,आई सर्व खुशियों के पल ने दी जीवन को नई उड़ान

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। उम्र ढलती है, लेकिन सपने और मुस्कान कभी बूढ़े नहीं होते। इस सच्चाई को साकार किया आई सर्व खुशियों के पल – क्लब 60 प्लस ने,जब विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस की पूर्व संध्या पर खंदारी बायपास रोड स्थित होटल लेमन ट्री में आयोजित भव्य महोत्सव में बुजुर्गों ने अपने गीतों और नृत्यों से जीवन के हर रंग को जी लिया।

विगत सात वर्षों से वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में खुशियों के रंग भर रही आई सर्व खुशियों के पल संस्था के सांस्कृतिक महोत्सव में बुजुर्गों के चेहरे की चमक और उनकी आंखों में छलकती उमंग ने यह संदेश दिया कि जीवन का हर पड़ाव सुंदर हो सकता है, यदि साथ हो सकारात्मक सोच और अपनों का स्नेह।

मंच पर जब राममोहन कपूर, डॉ. सतीश अग्रवाल, पीएस ओबेरॉय, रंजन कोहली, शरद पूर्णिमा कपूर, एसके शर्मा, सुमन जैन, उमा अग्रवाल और वीपी आर्य एवं अन्य वरिष्ठ नागरिकों ने “ये रेशमी जुल्फें, "बार बार देखो हजार बार देखो” और “इधर तुम हंसी हो उधर दिल जवां है” जैसे गीत गाए,तो माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

‘अब गुनगुनाएगा आगरा’कार्यक्रम में हर आयु वर्ग की स्वर लहरियों ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया और वरिष्ठ नागरिकों को भी खड़े होकर थिरकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन अनुराग जैन एवं दिनेश श्रीवास्तव ने किया।

अतिथियों ने की सराहना :

 विशिष्ट अतिथि डॉ.अतुल कुलश्रेष्ठ (राष्ट्रीय अध्यक्ष,जैरिएटिक केयर)ने बुजुर्गों की ऊर्जा और उत्साह को नमन करते हुए कहा कि आई सर्व खुशियों के पल – क्लब 60 प्लस वरिष्ठ नागरिकों के लिए किसी जीवनदायिनी संजीवनी से कम नहीं है। यहाँ जुड़ने के बाद हर बुजुर्ग अकेलेपन से निकलकर नई जिंदगी जीने लगता है। यह संस्था उन्हें भावनात्मक और सामाजिक सहारा प्रदान कर रही है।

संस्था का उद्देश्य – खुशियों की साझेदारी :

संस्था के सूत्रधार अनुराग जैन ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि आई सर्व खुशियों के पल की नींव इसी सोच पर रखी गई थी कि जीवन का हर पड़ाव उत्सव बन सके। पिछले सात वर्षों में हमने महसूस किया है कि यदि वरिष्ठ नागरिकों को अपनापन,मंच और सम्मान मिले तो वे न केवल स्वयं खिलते हैं,बल्कि समाज को भी नई ऊर्जा देते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बुजुर्ग अकेलेपन और अवसाद से निकलकर फिर से मुस्कुराए, गाए और जीवन को पूरे रंगों के साथ जिए। यही इस संस्था का असली मकसद और सबसे बड़ी उपलब्धि है। संस्था को राम मोहन कपूर का विशेष सहयोग रहता है । 

वरिष्ठ प्रतिभागियों की भावनाएँ,जीवन संध्या का नया सवेरा :

कार्यक्रम में मंच पर प्रस्तुति देने वाले वरिष्ठ प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए, जिसमें राम मोहन कपूर ने कहा कि आज मुझे ऐसा लगा जैसे फिर से कॉलेज के दिनों में लौट आया हूँ। संगीत और साथियों के बीच रहकर मन सचमुच जवान हो गया है।

एडवोकेट राजीव ने भावुक होते हुए कहा कि यहाँ आकर अकेलेपन का एहसास खत्म हो जाता है। क्लब 60 प्लस हमें अपनापन और परिवार जैसा माहौल देता है।

डॉ.सतीश अग्रवाल ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज का बोझ नहीं, बल्कि अनुभव और ऊर्जा का खजाना समझना चाहिए। इस तरह के मंच हमें जीवन जीने की असली प्रेरणा देते हैं। 

पीएस ओबराय ने कहा कि जो शौक और सपने जीवन की व्यस्तताओं के कारण पूरे नहीं हुए वो प्रतिभा संस्था के माध्यम से निखर रही है।