बम्पर भीड़ रही हाल में जगह नहीं मिली
चिल्ड्रेन डे के अवसर पर बच्चों ने देखी फिल्म्स
ओपनिंग फ़िल्म “बंगाल 1947” का जादू फिर से चला
हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो
आगरा : 14 नवंबर,सुबह से फ़िल्म चलने का सिलसिला शुरू हुआ और देर शाम तक चलता रहा। सुबह मेवाड़ यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ.अशोक गाड़िया,यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ लवकुश मिश्रा, दिलीप दलवी फ़िल्म क्राफ्ट मुंबई से, टी एस राणा ऑल सैंट स्कूल के चेयरमैन,वनस्थली के चेयरमैन वी के मित्तल,बी एस जोगदंड मुंबई,राकेश शंकर राव गायकवाड़, राजेश गोयल सदस्य कैंटोनमेंट माना कैटर्स, सतीश अरोड़ा चेयरमैन पूनम प्लाज़ा आदि ने लैंप लाइट कराया। अतिथियों को मेमेंटो पटका देकर स्वागत किया गया।
मेवाड़ यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ अशोक गादिया और फेस्टिवल डायरेक्टर सूरज तिवारी ने एक ओपन मंच पर पैनल डिस्कशन किया। विषय शिक्षा को फ़िल्म से जोड़ने पर आधारित था। गादिया जी ने कहा की हमारी यूनिवर्सिटी हर तरह से फिल्ममेकर्स के लिए तैयार है और हम सिनेमा को लोगो के रोज़गार और बढ़ते हुए नवाचार से जोड़ना होगा।एक सेशन सिनेमा और शिक्षा को लेकर हुआ जिसमें गाड़िया जी, प्रोफ़ लवकुश मिश्रा,मरीन बोर्गो फ्रांस, दिलीप दलवी आदि शामिल थे।
आज की फिल्म्स में कर्मा फ्रांस से, कॉलेज दया आई टी एच एम डॉ.भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से , तेरे ही भरोसे आगरा से , लुकिंग फॉर यू जर्मनी से, स्प्रिच्युअलाइज़ेशन ऑफ़ जेफ बॉयर स्विट्जरलैंड से , एग्वा आंध्र से , पेटा श्रीलंका से,अनादित्य बांग्लादेश से , अंडरहीडर उज़्बेकिस्तान से, डी एम अदिति की रोशनी मुंबई से आदि फ़िल्म्स थी। दर्शकों ने फ़िल्म्स का बहुत आनंद लिया। ए आई से बनी फ़िल्म को दर्शकों ने खूब सराहा। सवाल जवाब भी किए।
बंगाल 1947 फ़िल्म की दर्शानी ने जमकर तारीफ़ की।डायरेक्टर आकाशादित्य लामा और प्रोडूसर ऋषभ पांडा और सतीश पांडा थे। फेस्टिवल डायरेक्टर सूरज तिवारी ने बताया कि फेस्टिवल के आख़िरी दिन अवॉर्ड्स दिए जाएँगे और सुबह से देश विदेश की फ़िल्म्स चलेंगीं।
आज मुख्य जनों में डॉ अशोक गादिया , प्रोफ़ लवकुश मिश्रा डीन, मरीन बोर्गो, शिव प्रताप सिंह ब्रज रिकॉर्ड्स,सतीश अरोड़ा आदि शामिल थे।


