श्रीमद्भागवत कथा : दूल्हा बने नंदलाल,रुक्मणि दुल्हन बनी.



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। शंखनाद,मंगल गीत और प्रेम रस से सराबोर वातावरण में छठवें दिवस समाधि पार्क मंदिर,सूर्य नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत श्रीकृष्ण–रुक्मणि विवाह लीला का अत्यंत मंगल एवं भावपूर्ण प्रसंग श्रद्धालुओं के हृदय को भक्ति रस में डुबो गया। जब नंदलाल दूल्हा बनकर पधारे और लक्ष्मी स्वरूपा रुक्मणि जी दुल्हन बनीं, तब सम्पूर्ण पंडाल में आत्मा–परमात्मा के पावन मिलन का अलौकिक दृश्य साकार हो उठा।

“श्याम सलोना मेरा गिरधारी सखी रे, मेरा दिल ले गया…,के भाव से गूंजते भजनों ने हर मन को श्रीकृष्ण प्रेम में रंग दिया।

कथा व्यास श्री कीर्ति किशोरी जी (श्रीधाम वृन्दावन) ने भावपूर्ण व्याख्या में बताया कि रुक्मणि जी केवल विदर्भ की राजकुमारी नहीं, बल्कि लक्ष्मी स्वरूपा जीवात्मा हैं, जो श्रीकृष्ण रूपी परमात्मा को ही अपना सर्वस्व मानकर उनसे एकाकार होती हैं। यह विवाह सांसारिक नहीं, बल्कि भक्त और भगवान, आत्मा और परमात्मा के शाश्वत मिलन का प्रतीक है।

इस दिव्य विवाह लीला के मुख्य यजमान संजय–संगीता गुप्ता एवं रोहित जैन रहे, जिन्होंने पूरे श्रद्धा भाव से वैवाहिक अनुष्ठानों में सहभाग कर प्रभु चरणों में समर्पण भाव अर्पित किया। यजमान परिवार द्वारा मंगलाचरण, पूजन, वैदिक विधि-विधान एवं सेवा भाव से सम्पन्न आयोजन ने वातावरण को और अधिक पावन बना दिया।

कथा व्यास ने कहा कि जैसे रुक्मणि जी ने समर्पण भाव से श्रीकृष्ण को वरण किया, वैसे ही जब यजमान एवं श्रद्धालु प्रभु सेवा में स्वयं को अर्पित करते हैं, तब जीवन में शांति, आनंद और कृतार्थता का अनुभव होता है।

मंगल गीत, शहनाई की मधुर धुन और जयघोषों के मध्य श्रीकृष्ण–रुक्मणि विवाह लीला सम्पन्न हुई। श्रद्धालुओं की आँखें भक्ति के अश्रुओं से सज उठीं और सम्पूर्ण पंडाल “राधे–राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा।

यह आयोजन श्री कृष्ण कीर्ति फाउंडेशन, श्रीधाम वृन्दावन, भारत विकास परिषद् आगरा संस्कार मुख्य शाखा, भारत विकास परिषद् ब्रज प्रांत, भारत विकास परिषद् युगल संस्कार शाखा, राधे गोविन्द परिवार आगरा, ध्यान योग सेवा संस्थान, मंगलमय परिवार सहित अनेक धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से सम्पन्न हो रहा है।

इस अवसर पर प्रमोद सिंघल, सतीश अग्रवाल,मुरारी प्रसाद अग्रवाल, राजेंद्र गुप्ता, कैप्टन राणा, मंगला रावत, राकेश नारंग, योगेश कंसल, राकेश रेखा अग्रवाल, निखिल वंदना गर्ग, प्रशांत रितु मित्तल, विनोद सर्राफ, अमन आरुषि, सागर आयुषी, मुकेश संगीता, माधुरी अतुल चतुर्वेदी, सुनीता कमलनयन फतेहपुरिया, उर्मिल बंसल बालाजी, रोमा बंसल आदि उपस्थित रहे।