आरटीओ कार्यालय पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
24 जनवरी से हड़ताल जारी, कामकाज प्रभावित, उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। जनपद आगरा में परिवहन विभाग के आरटीओ कार्यालय पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शुरू हुआ वकीलों / एजेंटो का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा। 24 जनवरी से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन आज भी जारी है, जिससे आरटीओ कार्यालय का कामकाज बुरी तरह प्रभावित बताया जा रहा है। आगरा ट्रांसपोर्ट बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने आरटीओ कार्यालय के बाहर लगातार प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बिना “सुविधा शुल्क” काम न होने का आरोप :
प्रदर्शन कर रहे वकीलों का कहना है कि आरटीओ कार्यालय में वाहन संबंधी कार्य- जैसे फिटनेस, परमिट, रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर, लाइसेंस और अन्य दस्तावेजी प्रक्रियाएं, बिना अतिरिक्त पैसे दिए पूरे नहीं किए जा रहे।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि नियमों के अनुसार पूरी फाइल जमा करने के बाद भी उसे आगे नहीं बढ़ाया जाता। जानबूझकर आपत्तियां लगाकर फाइलें रोकी जाती हैं। आम जनता और अधिवक्ताओं को अनावश्यक चक्कर कटवाए जाते हैंउनका कहना है कि यह पूरा तंत्र “सुविधा शुल्क” पर निर्भर बना दिया गया है।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी दर्ज कराई शिकायत :
बार एसोसिएशन ने मामले को सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर संगठित रूप से भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया गया है।
वकीलों / एजेंटो की चेतावनी :
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने साफ कहा कि “आरटीओ कार्यालय में बिना पैसे दिए कोई भी कार्य समय पर नहीं होता। नियमों का पालन करने वालों को भी बेवजह परेशान किया जाता है।” उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें :
बार एसोसिएशन ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि:
* आरटीओ कार्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच हो
* दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो
* वाहन संबंधी सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन किया जाए
* अधिवक्ताओं और आम जनता का उत्पीड़न बंद किया जाए।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने संभाली कमान :
इस विरोध प्रदर्शन में कई वरिष्ठ अधिवक्ता सक्रिय भूमिका में हैं।
जिसमें एडवोकेट विष्णु कांत उपाध्याय (अध्यक्ष), एडवोकेट रामभरत उपाध्याय,एड.आर.वी.सिंह परमार,एड.सुरेंद्र सिंह तोमर,एड.संदीप सिंह परमार,एड.रविन्द्र दीक्षित,एड.मोहर सिंह बघेल,एडवोकेट हरीशरन सारस्वत, एड.ओमप्रकाश वर्मा,एड.गौरव अग्रवाल, एड. हरेंद्र बघेल, एड.विजय बघेल,एड. डोरी लाल कुशवाह,एड.ईश मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और जनसेवा केंद्र से सुरेंद्र सारस्वत,सूरज चौधरी,सुनहरी लाल कुशवाह सहित कई वाहन स्वामी मौजूद रहे।


