आस्ताना ए मैकश की यादगार में 'बसंत मुबारक' कार्यक्रम

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा : बसंत का आयोजन आस्ताना ए मैकश पर एक खूबसूरत और यादगार कार्यक्रम रहा। रिमझिम बारिश और बसंती सर्द हवाओं के बीच आयोजित इस मजलिस में डॉ.विजय शर्मा ने बसंत और मोहब्बत की विरासत पर अपने विचार रखे। शहर के प्रसिद्ध शायर शाहिद नदीम साब ने अपना कलाम पढ़ा और महमूद उज्ज़मा साब ने इजहारे ख्यालात किया।

सैयद फैज अली शाह साब नियाज़ी ने बसंत के हवाले से कहा कि कायनात ने हमको बेहतर पानी और हवा देकर जिंदा रहने की तौफीक अता की,लेकिन हमने उसी पानी और हवा को खराब किया और अहसानफरामोशी की।

सैयद अजमल अली शाह नियाज़ी कादरी चिश्ती ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मोहब्बत ही इंसान को इस दुनिया में ही नहीं, दूसरी दुनिया में भी बेहतर मुकाम दिलाती है। हमें सभी से मुहब्बत करनी चाहिए।

इस अवसर पर मौजूद लोगों में अनिल शर्मा,असलम सलीमी साब और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। कार्यक्रम का समापन कब्बाली की महफिल के साथ हुआ। 

रिपोर्ट : असलम सलीमी