हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा : प्रताप नगर,खतैना रोड पर स्थित,समाजसेवी अशोक गोयल की प्रेरणा से नवस्थापित गर्भ संस्कार मैटरनिटी होम पर शुक्रवार को श्री चन्द्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में वृन्दावन धाम की परम श्रदेय भागवत विदुषी श्री कीर्ति किशोरी जी ने गर्भाधान संस्कार पर प्रवचन दिये।उन्होंने बताया कि शास्त्रों में वर्णित सनातन धर्म के 16 संस्कारों में "गर्भाधान संस्कार" सबसे महत्वपूर्ण जन्म से पहले का पहला संस्कार है।
इस संस्कार का पालन करने से मां के गर्भ से जन्म लेने वाला बच्चा यशस्वी, संस्कारी,शौर्यवान व प्रतिभावान जन्मता है,लेकिन आज समाज में गर्भाधान संस्कार का पालन न होने के कारण बच्चे संस्कारवान नहीं हो रहे है। शिशु के मष्तिष्क के विकास की क्षमता गर्भ से ही होती है। संयम व नियमों के पालन करते हुए जीवन जीना हमारी संस्कृति एव॔ परम्पराएं है। जिसमें मां की भूमिका मुख्य होती है।इसके लिए मातृशक्ति को जागृत करना जरूरी है। प्रवचन से पहले उन्होने लाला चन्द्रभान साबुन वालों के चित्र पर पुष्प माला अर्पित की। उन्होने गर्भाधान संस्कार एवं मैटरनिटी होम को समाज की मातृशक्ति को दिव्य चेतना,कर्तव्यनिष्ठा व प्रेरणा देने वाले स्थल की संज्ञा दी।
उन्होने सीमित परिवार विघटन पर भी चिन्ता व्यक्त की। उन्होने "हम दो - हमारे दो"की जगह "हम दो-हमारे चार" के संदेश पर जोर दिया।"मातृशक्ति तू अब तो जग जा,अब नहीं तो फिर कब जगेगी।" गीत के माधम से महिलाओं को भारतीय संस्कृति के प्रति जागृत किया। संचालन समाजसेविका सुमन सुराना ने किया। ट्रस्ट के अशोक एडवोकेट को पट्टिका पहनाकर सम्मानित किया। धन्यवाद रमेश चन्द अग्रवाल ने किया।इस पुनीत अवसर पर डा. अभिलाषा,राकेश गर्ग, मनोज,राजीव जैन, सचिन गोयल,महेश गोयल,विजय गोयल,कान्ता माहेश्वरी,निधि अग्रवाल, मधु मित्तल, ऊषा अग्रवाल व नंदकिशोर गोयल आदि की उपस्थिति रही।
रिपोर्ट - असलम सलीमी



