तिरुचिरापल्ली में होगा विशेष संबोधन
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
नई दिल्ली। हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ.विपिन कुमार 29 जनवरी से चार दिवसीय दौरे पर तमिलनाडु के लिए प्रस्थान करेंगे। इस प्रवास के दौरान वे राज्य के विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों से संवाद करेंगे तथा हिंदी के विस्तार से जुड़े कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे।
इस दौरे का मुख्य आकर्षण तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय,तिरुचिरापल्ली में डॉ.विपिन कुमार का विशेष संबोधन होगा। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वे दक्षिण भारत में हिंदी की शैक्षणिक भूमिका, हिंदी–तमिल भाषाई समन्वय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत बहुभाषिकता तथा रोजगारपरक हिंदी के महत्व पर विस्तृत विचार प्रस्तुत करेंगे। यह विशेष संबोधन अकादमिक जगत में हिंदी को नई दृष्टि और दिशा देने वाला माना जा रहा है।
डॉ.विपिन कुमार अपने प्रवास के दौरान तमिलनाडु में हिंदी से जुड़े शिक्षाविदों, साहित्यकारों,सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं हिंदी प्रेमियों से भेंट कर दक्षिण भारत में हिंदी के प्रचार,भाषाई समन्वय तथा राष्ट्रीय एकता में हिंदी की भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे,साथ ही हिंदी को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रस्तावित योजनाओं एवं भावी गतिविधियों पर भी गहन चर्चा की जाएगी।
विश्व हिंदी परिषद निरंतर हिंदी भाषा के संरक्षण,संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के लिए देश-विदेश में सक्रिय रूप से कार्यरत है। डॉ.विपिन कुमार का यह तमिलनाडु प्रवास,विशेषकर तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रस्तावित संबोधन,परिषद के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ.विपिन कुमार वरिष्ठ स्तंभकार, लेखक एवं राष्ट्रवादी विचारक हैं। वे विश्व हिंदी परिषद के राष्ट्रीय महासचिव के साथ-साथ “विश्व हिंदी” पत्रिका एवं “हिन्दुस्तान हॉटलाइन न्यूज़” के मुख्य संपादक भी हैं। वे बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन,पटना के संरक्षक तथा अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन के संयोजक हैं।
वर्तमान में वे भारत सरकार के वित्त मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय में हिंदी सलाहकार के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। पूर्व में वे राजभाषा विभाग,गृह मंत्रालय,भारत सरकार की पुस्तक चयन समिति के सदस्य रह चुके हैं।
उन्होंने 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन (मॉरीशस) में भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में तथा 12 वें विश्व हिंदी सम्मेलन (फ़िजी) में भारत सरकार के प्रतिनिधि वक्ता के रूप में सहभागिता की है। इसके अतिरिक्त विश्व हिंदी परिषद द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलनों में वियतनाम,थाईलैंड एवं कंबोडिया में उन्होंने संयोजक के रूप में प्रतिनिधित्व किया है।

