"सत्य की खोज” : रिया एम. गुप्ता की 109 चित्रों की प्रदर्शनी में जीवन के ‘क्यों’ से साक्षात्कार

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। शहर की उभरती और अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहीं स्वशिक्षित कलाकार रिया एम.गुप्ता की 109 मौलिक कृतियों की चित्रकला प्रदर्शनी “सत्य की खोज” का दो दिवसीय आयोजन विजय नगर स्थित विजय क्लब में किया गया। प्रदर्शनी में जीवन, चेतना, प्रेम, कामना, भ्रम के टूटने, नवचेतना और आत्मबोध जैसे गहन दार्शनिक भावों को रंगों के माध्यम से साकार किया गया है।

प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य अतिथि लायंस क्लब के पूर्व इंटरनेशनल डायरेक्टर जितेंद्र चौहान द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में लगी प्रत्येक चित्रकला केवल दृश्य सौंदर्य नहीं,बल्कि अध्यात्म और आत्मचिंतन की यात्रा है। हर चित्र मनुष्य को भीतर झांकने के लिए विवश करता है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में लॉयंस क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर द्वितीय अजय भार्गव, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, रामनिवास गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

कलाकार रिया एम. गुप्ता ने बताया कि उन्होंने 18 वर्ष की आयु से अपनी स्वयं की विशिष्ट शैली विकसित की। उनकी प्रत्येक पेंटिंग में एक प्रश्न निहित है और उसी प्रश्न के भीतर उसका उत्तर भी समाहित है। रिया ने कहा कि उनकी कला उनके मन की कल्पनाओं, जीवन से जुड़े अनुत्तरित प्रश्नों और आत्मानुभूति का विस्तार है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि “मेरी हर पेंटिंग ‘ओके’ या ‘नॉट ओके’ से आगे जाकर ‘क्यों’ का उत्तर तलाशती है।”रिया एम. गुप्ता, आगरा की रहने वाली हैं और वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में रहकर मास्टर्स की पढ़ाई कर रही हैं। वह ऋषि गुप्ता और मधु गुप्ता की पुत्री हैं। उनकी शिक्षा मार्गदर्शिका जानवी रहीं, जबकि विद्यालय की शिक्षिका दीप्ति ने उन्हें अपनी अलग शैली विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

रिया की कृतियों में जलरंग, एक्रेलिक, ऑयल पेस्टल सहित पारंपरिक माध्यमों का प्रयोग किया गया है, वहीं उन्होंने अनोखी तकनीकों और सामग्रियों के साथ प्रयोग कर निराकार भावनाओं को साकार रूप दिया है। उनकी कला जीवन के आरंभ से लेकर आनंद, प्रेम,कामना,भ्रम के विघटन और अंततः नवचेतना तक की यात्रा को दर्शाती है।

प्रदर्शनी की थीम “सत्य की खोज” के अंतर्गत यह भाव स्पष्ट रूप से उभरता है- “जब हम ‘क्यों’ पूछते हैं, उसी क्षण चेतना जागृत होती है।”

प्रदर्शनी के द्वितीय सत्र का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “आर्ट गैलरी में प्रदर्शित हर चित्र मानव प्रकृति के विभिन्न आयामों को अभिव्यक्त करता है। यह प्रदर्शनी युवा कलाकारों की सोच, संवेदनशीलता और बौद्धिक गहराई का उत्कृष्ट उदाहरण है।