हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। स्वामी विवेकानंद की राष्ट्रप्रेरक विचारधारा,सनातन संस्कृति के संरक्षण और हिंदू समाज को संगठित करने के संकल्प के साथ विवेकानंद हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन रविवार को गांधीनगर पार्क में सम्पन्न हुआ।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देव जी महाराज (वृंदावन) रहे। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं बल्कि जीवन को कल्याणकारी दिशा देने वाली सार्वभौमिक जीवन शैली है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए युवाओं से आत्मगौरव और राष्ट्रचेतना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवयित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने “हरे जो पीर औरों की सदा,उस मर्म की जय जय, करे
मंगल सभी का जो सतत्, सत्कर्म की जय जय,सदा कल्याण की जो कामना करता है जग भर की,कहे अंबर भी मुक्त-मुक्त कर सनातन धर्म की जय जय।” पंक्तियों के माध्यम से सनातन धर्म की करुणा,मानवता और सार्वभौमिक कल्याण की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया, जिस पर उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से उनका अभिनंदन किया।
सम्मेलन में मोहिनी बिहारी जी महाराज ने सनातन परंपरा की आध्यात्मिक शक्ति और समाज को जोड़ने वाली भूमिका पर प्रकाश डाला।
डॉ.मुनीश्वर गुप्ता, लटूरी लट्ठ, एवं अपूर्वा सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हिंदू समाज की एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रहित के लिए ऐसे आयोजनों की आज अत्यंत आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नवल किशोर ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विराट हिंदू सम्मेलन जैसे आयोजन समाज में वैचारिक जागरण और सांस्कृतिक आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर शहर महानगर कार्यवाहक यादराम, मनीष अग्रवाल, महंत अनंत उपाध्याय, डॉ. इंद्रप्रकाश सोलंकी, सतीश गुप्ता (इंजीनियर), गोपाल दास, राकेश कमल आदि उपस्थित रहे।


