ब्रांड सुरक्षा ही व्यवसाय की शक्ति : आईसीएसआई आगरा में बौद्धिक संपदा कार्यशाला का शुभारंभ

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। नेहरू नगर स्थित भारतीय कंपनी सचिव संस्थान आगरा चैप्टर कार्यालय में तीन दिवसीय बौद्धिक संपदा अधिकार विषयक कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला के प्रथम दिवस मुख्य वक्ता कंपनी सचिव सीएस अंकुर वर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि “व्यापारिक पहचान ही किसी भी संस्थान की वास्तविक सुरक्षा कवच है। यदि ब्रांड सुरक्षित है तो व्यवसाय का भविष्य सुरक्षित है।”

उन्होंने अपने व्याख्यान में ट्रेडमार्क अधिनियम, 1999 के महत्व को विस्तार से समझाते हुए बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में किसी भी व्यवसाय की सफलता उसकी विशिष्ट पहचान और बाजार में स्थापित साख पर निर्भर करती है। ट्रेडमार्क पंजीकरण व्यवसायों को उनके ब्रांड नाम, लोगो, प्रतीक एवं नारों को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है तथा अनधिकृत उपयोग एवं नकल से बचाता है।

सीएस अंकुर वर्मा ने कहा कि पंजीकृत ट्रेडमार्क न केवल ब्रांड को विशिष्टता देता है, बल्कि उपभोक्ताओं के बीच विश्वास भी स्थापित करता है। यदि कोई अन्य पक्ष पंजीकृत ट्रेडमार्क का उल्लंघन करता है, तो अधिनियम के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही एवं मुआवजे का स्पष्ट प्रावधान है। उन्होंने युवाओं और उद्यमियों को अपनी बौद्धिक संपदा को अमूर्त संपत्ति के रूप में पहचानने और समय रहते उसका पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला में कंपनी सचिव पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों, प्रशिक्षुओं एवं प्रोफेशनल सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट एवं डिजाइन पंजीकरण से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

अध्यक्ष सीएस अनुज अशोक ने बताया कि कार्यशाला के आगामी दो दिनों में पेटेंट, कॉपीराइट, डिजाइन रजिस्ट्रेशन एवं बौद्धिक संपदा प्रबंधन के व्यावहारिक पक्षों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

मुख्य बिंदु :

• कानूनी सुरक्षा : अनधिकृत उपयोग और नकल से बचाव।

• विशिष्ट पहचान : बाजार में ब्रांड की अलग छवि का निर्माण।

• उपभोक्ता विश्वास : गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक।

• सद्भावना (Goodwill) : व्यवसाय की अमूर्त संपत्ति (Intangible Asset) में वृद्धि।

सीएस परीक्षा 2025 की घोषणा 

अध्यक्ष सीएस अनुज अशोक ने ये भी बताया कि हाल ही में दिसंबर 2025 सत्र के परीक्षा परिणामों पर भी प्रकाश डाला गया। उल्लेखनीय है कि 

द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेट्री ऑफ़ इंडिया द्वारा प्रोफेशनल एवं एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (सिलेबस 2022) के परिणाम 25 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में घोषित किए गए थे।

परीक्षा परिणाम की प्रमुख उपलब्धियां

प्रोफेशनल प्रोग्राम (दिसंबर 2025 सत्र) :

ग्रुप-1 : 26.73% उत्तीर्ण

ग्रुप-2 : 26.67% उत्तीर्ण

मुंबई केंद्र से किंजल अजमेरा ने अखिल भारतीय प्रथम स्थान प्राप्त किया।

एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम :

ग्रुप-1 : 18.03% उत्तीर्ण

ग्रुप-2 : 22.26% उत्तीर्ण

अहमदाबाद केंद्र से अनीशा दर्शन केसवानी ने अखिल भारतीय प्रथम स्थान प्राप्त किया।

उत्तर प्रदेश राज्य परिणाम :

प्रोफेशनल ग्रुप-1 : 28.44%, ग्रुप-2 : 24.53%

एग्जीक्यूटिव ग्रुप-1 : 15.56%, ग्रुप-2 : 22.20%

आगरा शहर का प्रदर्शन :

प्रोफेशनल ग्रुप-1 : 27.78%, ग्रुप-2 : 20.99%

एग्जीक्यूटिव ग्रुप-1 : 18.06%, ग्रुप-2 : 21.78%

आगरा परीक्षा केंद्र से खुशी अग्रवाल ने सीएस प्रोफेशनल प्रोग्राम में 53% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि रितिका शर्मा ने 51.29% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

सीएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में हर्षिका अग्रवाल ने 55.29% अंक प्राप्त कर अखिल भारतीय 25वीं रैंक अर्जित की, जबकि श्रेष्ठा मिश्रा ने 54.86% अंक प्राप्त कर आगरा केंद्र में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

संस्थान द्वारा अगली एग्जीक्यूटिव एवं प्रोफेशनल प्रोग्राम परीक्षाएं 01 जून 2026 से 07 जून 2026 तक आयोजित की जाएंगी,जबकि पुनर्गठित सीएस एग्जीक्यूटिव एंट्रेंस टेस्ट (CSEET) 01 जून से 04 जून 2026 तक आयोजित होगा।