विराट हिंदू सम्मेलन के जन-जागरण हेतु,विशाल बाइक रैली का आरएसएस प्रांत प्रचार प्रमुख कीर्ति जी ने झंडी दिखाकर किया शुभारंभ

 


सैकड़ों बाइक सवारों ने दिया सनातन एकता का संदेश

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। आगामी 8 फरवरी को जीआईसी मैदान में आयोजित होने वाले विराट हिंदू सम्मेलन के प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरण के उद्देश्य से सकल सनातन सेवा समिति के तत्वावधान में एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। कोठी मीना बाजार शाहगंज स्थित संचालन कार्यालय इस रैली का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख कीर्ति जी द्वारा झंडी दिखाकर किया गया। शुभारंभ के साथ ही वातावरण “सनातन एकता” और “हिंदू जागरण” के नारों से गूंज उठा।

बाइक रैली में 500 से अधिक युवक एवं सनातन प्रेमी सैकड़ों बाइक और स्कूटी के साथ सम्मिलित हुए। रैली ने पृथ्वीनाथ नगर,शाहगंज सहित आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए आमजन को 8 फरवरी को होने वाले विराट हिंदू सम्मेलन में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। मार्गभर नागरिकों ने रैली का स्वागत कर सनातन एकता के संदेश का समर्थन किया।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष महेश सारस्वत ने कहा कि विराट हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य समाज में व्याप्त विभाजन को समाप्त कर सनातन मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि बाइक रैली जैसे कार्यक्रम समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सचिव राधावल्लभ गुप्ता ने कहा कि यह जन-जागरण रैली हिंदू समाज को संगठित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है, जिससे आमजन में सम्मेलन को लेकर उत्साह और सहभागिता बढ़ेगी।

मीडिया प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने अपने व्यक्तव्य में विराट हिंदू सम्मेलन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 8 फरवरी को जीआईसी मैदान में आयोजित होने वाले इस विराट आयोजन में विभाग प्रचारक रोहित मुख्य वक्ता के रूप में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। सम्मेलन की मुख्य अतिथि किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष तनीषा सनातनी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. अलका सेन रहेंगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में 3000 से अधिक सनातनियों की सहभागिता अपेक्षित है और यह आयोजन सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं हिंदू एकता को सशक्त करने का ऐतिहासिक अवसर होगा।

बाइक रैली के अवसर पर गौरव अग्रवाल, पंकज उपाध्याय, रूपसिंह परमार, पंकज जादौन, संजीव भारद्वाज, निशांत चतुर्वेदी, शंकर कट्टर, पार्षद पूजा वाल्मीकि, प्रतिमा भार्गव आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।