बजट में चैम्बर के सुझावों को सम्मिलित किये जाने पर चैम्बर ने वित्त मंत्री का किया आभार

चैम्बर द्वारा वित्त मंत्री महोदय को भेजा गया पोस्ट बजट मेमोरेण्डम

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा : चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल की अध्यक्षता में पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा के नेतृत्व में आयकर प्रकोष्ठ की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें हर्ष व्यक्त किया गया कि चैम्बर द्वारा भेजे गये प्री-बजट सुझावों में 4 सुझाव मान लिये गये हैं (1) ड्यू डेट ऑफ रिवाइज्ड रिर्टन को दिसम्बर से मार्च करा दिया गया है। इसी के साथ स्टे ऑफ डिमांड के लिये जमाराशि 20 प्रतिशत से 10 कर दिया गया है तथा 115 बीबीई के अंतर्गत 60 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत आयकर कर दिया है। आईटीआर 7 जो कि ट्रस्ट रिर्टन होता है उसको सरलीकरण कर दिया गया है। जिससे चैम्बर द्वारा पोस्ट बजट मेमोरेण्डम भेजा जा रहा है जिसमें सुझाव दिया गया है कि जो रिवाइज्ड रिर्टन भरने की विवरणी की जो तिथि बढ़ाई गयी उसमें फीस के रूप में जो चार्जेज सरकार द्वारा लिये जा रहे हैं उन्हें हटाने की मांग की गयी है।

इस बार बजट में कुछ संशोधन माननीय उच्चतम न्यायालय में कुछ मामले जो कि लम्बित थे जिसे देश की अनेक उच्च न्यायालय करदाताओं के पक्ष में अपना निर्णय दे चुके थे,उसके संबंध में सरकार द्वारा उन धाराओं में बदलाव करके बैक डेट से जैसे कि 01.04.2019 01.04.2021 कर दी गयी है जो कि करदाता के लिये बहुत ही जटिल है। इसके लिये मा. वित्त मंत्री द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया है कि हम कभी भी कोई बदलाव पूर्व की तिथियों से नहीं करेंगे परन्तु इस बजट में वित्त मंत्री जी ने पूर्व की तिथि से बदलाव किया है। चैम्बर ने मांग की है कि अपडेटेड रिर्टन भरने के 6 साल तक भरने का अधिकार करदाता को होना चाहिये। सोवरिन गोल्ड बोन्ड्स पर पूर्व तिथि से टैक्स लगाने के नियम की भी अलोचना की गयी है। इस बजट में पेनल्टी को फीस के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है जिससे कि फीस लगना आवश्यक होता है और उसके विरूद्ध कोई सुनवाई भी नहीं हो सकती है। वित्त मंत्री का पेनल्टी और अस्सिमेंट एक साथ लगाने का एलान भी करदाताओं पर आने वाले दिनों में कर का अतिरिक्त बोझा बढ़ा देगा।  

बैठक में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, पूर्व अध्यक्ष एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, अशोक गोयल,अधिवक्ता राजकिशोर खंडेलवाल, सीए प्रार्थना जालान उपस्थित थे।