हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
कोलकाता। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष इंजी.हरि किशोर तिवारी ने पश्चिम बंगाल के शिक्षकों एवं राज्य कर्मचारियों के समर्थन में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि पश्चिम बंगाल में आम जनता के साथ-साथ कर्मचारी वर्ग भी काफी परेशान है और वहां की जनता बदलाव चाहती है।
तिवारी ने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में कर्मचारियों को लगभग 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) और सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन मिल रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल में अभी भी करीब 18 प्रतिशत DA और छठे वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से वहां के कर्मचारी और शिक्षक आंदोलनरत हैं।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की ओर से पश्चिम बंगाल जाकर कर्मचारियों का समर्थन किया गया। इस दौरान सुनील बंसल से विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मुलाकात कराई गई और बड़े आंदोलनों व विशाल रैलियों का नेतृत्व भी किया गया। कर्मचारियों की मांगों को चुनावी घोषणापत्र में शामिल कराया गया, जिसकी घोषणा अमित शाह द्वारा की गई।
तिवारी ने बताया कि इसके बाद कोलकाता में भूपेंद्र यादव,सुनील बंसल तथा विप्लव दास के साथ कर्मचारी संगठनों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें उनका स्वागत किया गया।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव की घोषणा हो चुकी है और चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दबाव में आकर कर्मचारियों से संबंधित घोषणाएं की हैं। इससे कर्मचारी और शिक्षक वर्ग को दोहरी खुशी मिली है और वर्षों से चल रही उनकी लड़ाई अब जीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है।
फिर भी वे प्रत्येक जिले में जाकर कर्मचारियों और शिक्षकों को जागरूक करेंगे तथा उनके खिलाफ हुए अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष के लिए उन्हें तैयार करेंगे।
एक प्रश्न के उत्तर में तिवारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के हालात बेहद खराब हैं और वहां की जनता बदलाव चाहती है। उनका मानना है कि जब राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी,तभी शांति और विकास का सपना साकार हो सकेगा।






