माँ नरी सेमरी के छड़ी धारक भक्तों की बैठक सम्पन्न



नवसंवत 2083 के नवरात्रि महोत्सव की तैयारियों पर हुई विस्तृत चर्चा

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा, 18 मार्च ,सनातन धर्म की पावन परंपराओं के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष में प्रारंभ होने वाला नवरात्रि महोत्सव देवी शक्ति की उपासना का विशेष काल माना गया है। इसी दिव्य अवसर पर ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री एवं उत्तर भारत की प्रसिद्ध नगरकोट कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) की कुलदेवी माँ ब्रजेश्वरी देवी के द्वितीय स्वरूपा माँ नरी सेमरी के नवरात्रि मेले के सफल आयोजन हेतु छड़ी धारक भक्तों की एक महत्वपूर्ण बैठक श्री राम हनुमान मंदिर, आगरा किला के समक्ष सम्पन्न हुई।

शास्त्रों में वर्णित है कि नवरात्रि के पावन दिनों में देवी की आराधना, यज्ञ, जप एवं भक्ति से साधक के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास होता है। इसी सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए विगत 100 वर्षों से अधिक समय से छड़ी धारक भक्तों द्वारा माता मंदिर पर अखंड आरती की परंपरा निरंतर चल रही है।

नवसंवत 2083 के शुभ अवसर पर तृतीया तिथि को सायं 7 बजे आयोजित होने वाली “आगरा वालों की आरती” की तैयारियों को लेकर बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में भक्त आश्रम द्वारा संचालित हवन-पूजन, पूजा-अर्चना, भंडारा एवं मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा की गई। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार यज्ञ एवं हवन को वातावरण की शुद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा के संचार का माध्यम माना गया है, अतः सभी अनुष्ठानों को विधि-विधानपूर्वक सम्पन्न कराने पर विशेष बल दिया गया।

आयोजकों द्वारा जानकारी दी गई कि शुक्रवार, द्वितीया (20 मार्च 2026) को प्रातः 11 बजे से अपराह्न 2 बजे तक हवन-पूजन आयोजित होगा। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे से कन्या पूजन के साथ प्रसादी एवं भंडारा प्रारंभ होगा, जो माँ की कृपा तक निरंतर वितरित किया जाएगा। वहीं शनिवार,तृतीया (21 मार्च 2026) को भव्य एवं दिव्य आरती का आयोजन किया जाएगा। 

सभी देवी भक्त भाई-बहनों से अनुरोध किया गया है कि वे सायं 6 बजे तक मंदिर परिसर में उपस्थित होकर इस पावन आरती में सहभागिता करें।