नागरी प्रचारिणी सभा में विचार गोष्ठी का आयोजन




हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा : 15 मार्च, नागरी प्रचारिणी सभा,आगरा द्वारा एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका मुख्य विषय " मोबाइल और बचपन का भविष्य " था। समारोह के मुख्य वक्ता व मुख्य अतिथि श्री महेश चन्द्र शर्मा ( चेयरमेन एवं निदेशक,आगरा पब्लिक ग्रुप) ने कहा कि अफीम, भाँग ,शराब से भी ज्यादा घातक नशा है। मोबाइल का ग्राफ बढ़‌ता जा रहा है। मोबाइल के रेडिएशन से नज़र कमज़ोर होना चश्मा लग जाता है।

विचार गोष्ठी के विशिष्ट वक्ता एवं चेयरमेन एवं निदेशक, लोटस हास्पिटल डॉ० अनुपम शर्मा ने कहा कि " ये नेचरिंग है आपकी संस्कृति का - एल्गोरिदम के द्वारा एडिक्शन के द्वारा ये बिजनिस है इसलिए इसे रोका नहीं जा सकता है।कार्यक्रम की विशिष्ट वक्ता श्रीमती सुमन सुराना ने कहा कि "डाइनिंग टेबल पर जाने से पहले मोबाइल एक टोकरी में जमा करवाती है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं सभा के सभापति डॉ० खुशीराम शर्मा ने कहा कि "मोबाइल और बचपन का भविष्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़ गए हैं। अत्यधिक स्क्रीन समय से मानसिक स्वास्थ्य, याददाश्त और नींद प्रभावित हो रही है।"

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ० ब्रजबिहारी लाल वर्मा 'बिरजू' की सरस्वती वन्दना से हुई। सभा के उपसभापति एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ० विनोद कुमार माहेश्वरी ने स्वागत भाषण दिया । विचार गोष्ठी का सफल संचालन प्रतिष्ठित साहित्यवार श्रीमती नूतन अग्रवाल ने किया। अंत में सभा के मंत्री चंद्र मोहन शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।टोनी फास्टर, डॉ रमा शर्मा, डॉ विजय तिवारी, श्री रमेनद्र शर्मा, 

प्रो० अनुराग पालीवाल, डॉ० सुषमा सिंह, श्री रमेश पंडित, डॉ आशा चतुर्वेदी, श्रीमती प्रतिभा जिन्दल, श्री संजय गुप्त, श्री शरद गुप्त, श्री महेश धाकड़, श्री मनीष शर्मा, श्री रामप्रकाश पाल, श्री गिरधारी लाल, डॉ० सुनील दुबे, डॉ० देवीसिंह नरवार, श्री राजीव सक्सेना, श्री शीलेन्द्र कुमार, श्री अनिल शर्मा, श्री प्रभुदत्त उपाध्याय, श्री अनिल जैन, श्री शेषपाल, श्री राहुल चतुर्वेदी, श्री नन्द नन्दन गर्ग,श्री पाराशर आदि सभी ने विचार व्यक्त किए।

रिपोर्ट : असलम सलीमी