हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। भक्ति,आस्था और शक्ति के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा सीताराम मंदिर, वजीरपुरा, जहां मां पीतांबरा सेवा समिति द्वारा पंचम वार्षिक उत्सव एवं मां पीतांबरा देवी के प्राकट्य दिवस को लेकर आमंत्रण पत्र का विधिवत विमोचन किया गया।
मंदिर के महंत अनंत उपाध्याय ने बताया कि वैशाख शुक्ल पक्ष अष्टमी को मां पीतांबरा देवी का प्राकट्य हुआ था। इसी पावन तिथि पर पांच वर्ष पूर्व मंदिर परिसर में मां बगलामुखी की प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसके बाद से प्रतिवर्ष इस अवसर को भव्य उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।
श्री कृष्ण लीला महोत्सव समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने जानकारी दी कि इस वर्ष यह उत्सव 22, 23 और 24 अप्रैल को तीन दिवसीय स्वरूप में आयोजित होगा। 22 अप्रैल को शाम 5:30 बजे आमंत्रण एवं ध्वज यात्रा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। 23 अप्रैल को शाम 6:30 बजे मेहंदी कार्यक्रम एवं माता की चौकी का आयोजन मंदिर परिसर में होगा।
मुख्य आयोजन 24 अप्रैल को होगा। प्रातः 8 बजे मां का अभिषेक, श्रृंगार दर्शन एवं फूल बंगला सजाया जाएगा। दोपहर 12 बजे नवकुंडीय महायज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें 11,000 आहुतियां दी जाएंगी। महायज्ञ में एक समय में 100 से अधिक श्रद्धालु भाग लेंगे और प्रत्येक दो माला के पश्चात पारी बदली जाएगी।
संध्या 5 बजे कन्या पूजन एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। विशेष आकर्षण के रूप में 24 अप्रैल को प्रातः 9 बजे एवं रात्रि 8 बजे बैंड-बाजों के साथ मां की भव्य महाआरती संपन्न होगी।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र गुप्ता ने बताया कि आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। वहीं पंडित मुकेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में पिछले एक दशक से प्रत्येक शनिवार रात्रि में मां पीतांबरा का विशेष हवन नियमित रूप से होता आ रहा है, जिसका धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष है। इस वर्ष पहली बार नवकुंडीय महायज्ञ का आयोजन इस परंपरा को और विस्तार देगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया है।
इस अवसर पर सूरज तिवारी, डॉ. संजीव नेहरू, संजय चौहान, पंकज शास्त्री, मनोज अग्रवाल, दीपक गुप्ता, हनी, आयुष उपाध्याय, सौरभ शर्मा, कृष्णा मिठास सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

