हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा, 24 अप्रैल। प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स ‘टीम पापा’ के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मंडलायुक्त की अनुपस्थिति में अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपकर निजी विद्यालयों में किताब-कॉपी व यूनिफॉर्म की खरीद में कथित कमीशनखोरी की CBI जांच कराने की मांग की।
अपर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक मुकेश अग्रवाल और जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर से वार्ता कर प्रकरण में शीघ्र व स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
संस्था के संस्थापक मनोज शर्मा ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश शुल्क विनियमन अधिनियम 2018 की धारा 4(3)(ख)(पांच) के बावजूद पिछले सात वर्षों से स्कूलों में किताब-कॉपी व यूनिफॉर्म के नाम पर कमीशनखोरी जारी है। उन्होंने कहा कि बिना विभागीय संलिप्तता के यह संभव नहीं है, इसलिए पूरे मामले की CBI जांच कराई जानी चाहिए।
मुख्य मांगें :
किताब-कॉपी व यूनिफॉर्म में कमीशनखोरी की CBI जांच
वर्ष 2018 से 2025 तक जिला व मंडल शुल्क नियामक समितियों (DFRC) की कार्यप्रणाली की जांच
चिन्हित 32 विद्यालयों पर FIR दर्ज कर मान्यता रद्द करने की कार्रवाई
वर्ष 2020 की 15 प्रतिशत फीस अभिभावकों को ब्याज सहित वापस दिलाना
मनोज शर्मा ने कहा कि प्रशासन ने आख्या देने के निर्देश दिए हैं और संगठन 1 मई तक कार्रवाई का इंतजार करेगा। यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और कानूनी विकल्प अपनाए जाएंगे।
प्रतिनिधि मंडल में शोभित जेतली, प्रवीण सक्सेना, अरुण मित्तल, अखिल यादव, राकेश शर्मा और जनप्रहरी संस्था के अध्यक्ष नरोत्तम शर्मा शामिल रहे।


