बटेश्वर धाम बनेगा वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र,71.50 करोड़ की परियोजना से बदलेगी तस्वीर



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा, 22 मई। आगरा जनपद स्थित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि और 101 प्राचीन शिव मंदिरों की श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध बटेश्वर धाम को वैश्विक आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। भारत सरकार की एसएएससीआई योजना के अंतर्गत 71.50 करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक 56.11 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। परियोजना के दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जगवीर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीi और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि बटेश्वर धाम के समेकित विकास से प्राचीन विरासत के संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

परियोजना के तहत बटेश्वर धाम को तीन प्रमुख हिस्सो-विजिटर सपोर्ट एवं आवास क्षेत्र, सूचना क्षेत्र और सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। यहां आधुनिक पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय, पुरुष एवं महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री, कैफेटेरिया, फूड कियोस्क, स्मारिका दुकानें और बच्चों के लिए इंटरैक्टिव जोन तैयार किए जाएंगे। पर्यटकों के लिए आधुनिक पर्यटन सुविधा केंद्र और ओपन सीटिंग एरिया भी विकसित होंगे।

सूचना क्षेत्र में शिव पुराण, वेदों और भारतीय आध्यात्मिक विरासत को डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। यहां समुद्र मंथन, चार धाम और शिव सहस्रनाम पर आधारित विशेष गैलरियां आकर्षण का केंद्र होंगी। थीम आधारित इंस्टॉलेशन के जरिए भगवान शिव के विविध स्वरूपों को दर्शाया जाएगा।

परियोजना का प्रमुख आकर्षण सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र होगा, जहां विशाल वटवृक्ष के साथ भगवान शिव की ध्यानमग्न प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके आसपास ‘ध्यान पथ’ और ‘शिव प्रांगण’ विकसित किए जाएंगे, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक अनुभूति प्रदान करेंगे।

इसके अलावा पंचमहाभूतों-पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश पर आधारित ‘पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन’, 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियों से सुसज्जित ‘शिवलिंगम पार्क’ और यमुना एवं भगवान शिव के संबंध को दर्शाने वाला ‘कालिंदी वनम’ भी विकसित किया जाएगा। परिसर में नंदी की विशाल प्रतिमा भी स्थापित होगी।

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बटेश्वर धाम का यह समेकित विकास उत्तर प्रदेश को वैश्विक आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के साथ-साथ अल्पज्ञात धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है।

रिपोर्ट : असलम सलीमी