हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। अखिल भारतीय महिला परिषद की आगरा नगर शाखा द्वारा बोदला स्थित देवीराम रेस्टोरेंट में मातृ दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस संयुक्त रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में परिवार में बड़े-बुजुर्गों की भूमिका, मातृत्व और पारिवारिक मूल्यों पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर परिषद की अध्यक्ष उमा सिंह को ‘वरिष्ठ माता’ के खिताब से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि मातृत्व केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार को संस्कारों से जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है।

कार्यक्रम में रूपा मेहरा और वर्षा खन्ना ने अपनी माताओं से जुड़े संस्मरण साझा किए, वहीं चंद्रा मेहरोत्रा और चित्ररेखा कटियार ने बच्चों द्वारा मिले सरप्राइज अनुभव सुनाए।

शालिनी चौहान ने कहा कि सास की मौजूदगी से उन्हें घर और बच्चों की चिंता नहीं रहती, जिससे वे अपने कार्य को बेहतर ढंग से कर पाती हैं। परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर प्रेमलता मिश्रा ने भी दादी की भूमिका को परिवार का मजबूत आधार बताया।

रजनी शर्मा ने कहा कि बड़े-बुजुर्गों की छत्रछाया में ही घर-परिवार फलते-फूलते हैं। आरबीएस कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. सुषमा सिंह ने मां पर आधारित कविता प्रस्तुत कर सभी को भावुक कर दिया।

पूनम चौरसिया ने कहा कि मां को केवल जिम्मेदारियों का माध्यम नहीं समझना चाहिए, बल्कि उसकी भावनाओं और इच्छाओं का भी सम्मान होना चाहिए। ममता खन्ना ने आधुनिक युवाओं में पारिवारिक जिम्मेदारियों से दूरी को चिंता का विषय बताया।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने परिवार संस्था को मजबूत बनाए रखने और बुजुर्गों के सम्मान का संकल्प लिया।