नृसिंह हवन,पूर्णाहुति और भंडारे के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव सम्पन्न



हिन्दुस्तान वार्ता : ब्यूरो

आगरा : इस्कॉन आगरा एवं राधा सखी ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में समाधि पार्क, सूर्य नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का समापन भगवान नृसिंहदेव के दिव्य हवन, पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ। “उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्…” मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित कर सुख, शांति और धर्म रक्षा की प्रार्थना की।

अरविंद स्वरूप प्रभु के सानिध्य में सम्पन्न हुए नृसिंह हवन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हरे कृष्ण महामंत्र और नृसिंहदेव के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

कथा व्यास सार्वभौम प्रभु ने कथा विश्राम अवसर पर कहा कि भगवान नृसिंहदेव भक्तों की रक्षा और अधर्म के विनाश के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आज समाज में धार्मिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन वास्तविक अध्यात्म और आत्मचिंतन लोगों के जीवन से दूर होता जा रहा है। धर्म केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का मार्ग है।

सार्वभौम प्रभु ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका जन्म सिंध, पाकिस्तान के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। धार्मिक वातावरण में पले-बढ़े होने के बावजूद उन्होंने विज्ञान और चिकित्सा शिक्षा को चुना तथा एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई की। मेडिकल शिक्षा के दौरान एक अमेरिकी वैष्णव संत के संपर्क में आने के बाद उनका जीवन श्रीकृष्ण भक्ति की ओर मुड़ गया।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में धर्म सभाओं के माध्यम से श्रीकृष्ण भक्ति का प्रचार करने पर अनेक लोग प्रभावित हुए, जिसके चलते उन पर निगरानी भी रखी गई। बाद में इस्कॉन के माध्यम से उन्हें भारत भेजा गया। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 50 वर्षों से वे भारत सहित विभिन्न देशों में श्रीकृष्ण भक्ति और अध्यात्म का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

उन्होंने चिंता जताई कि भारत तेजी से पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित हो रहा है और लोग अपनी सनातन जड़ों से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के नाम पर लोग वैदिक संस्कारों, संस्कृत और भारतीय परंपराओं की उपेक्षा कर रहे हैं।

समापन अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में राधा सखी ग्रुप की संस्थापिका अशु मित्तल, अदिति गौरंगी, मोनिका अग्रवाल, रीता खन्ना, लवली कथूरिया, संजीव मित्तल, रेनू भगत, मीनाक्षी मोहन, ज्योति, रेशमा मगन, रेनू लांबा, तनुजा मांगलिक, डॉ. अपर्णा पोद्दार, डॉ. परिणीता बंसल एवं शिखा सिंघल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।