दादी की स्मृति को समर्पित होगी बरसाना की बड़ी परिक्रमा,वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। मात्र 13 वर्ष 5 माह की आयु में 56 योगासनों का ज्ञान रखने वाले आराध्य गुप्ता एक अनोखे संकल्प के साथ इतिहास रचने की तैयारी में हैं। आराध्य 25 जून से बरसाना की लगभग 7 किलोमीटर लंबी बड़ी परिक्रमा हाथों के बल (फॉरवर्ड हैंडस्टैंड वॉकिंग) करते हुए पूरी करने का प्रयास करेंगे।
पश्चिमपुरी स्थित प्रतीक विहार फेस-2, सालासर बालाजी मंदिर क्षेत्र निवासी आराध्य बचपन से ही योग और शारीरिक अभ्यास में रुचि रखते हैं। उनके पिता कमलेश कुमार गुप्ता व्यवसायी हैं, जबकि माता सीमा गुप्ता ने आराध्य और उनकी जुड़वां बहन आराध्या को निरंतर योग का प्रशिक्षण दिया है। इसी का परिणाम है कि दोनों बच्चों को 56 योगासनों का अभ्यास है।
आराध्य ने बताया कि वह यह परिक्रमा अपनी स्वर्गीय दादी की स्मृति और उनकी इच्छा को पूर्ण करने के उद्देश्य से कर रहे हैं। वर्तमान में वह एक बार में लगभग 50 मीटर तक हाथों के बल चलने का अभ्यास कर चुके हैं और लगातार तैयारी में जुटे हैं।
आराध्य का लक्ष्य इस उपलब्धि को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराकर नया इतिहास रचना है। उनके माता-पिता भी चाहते हैं कि उनके पुत्र की इस अनूठी उपलब्धि के साथ-साथ वर्षों की मेहनत और समर्पण को भी पहचान मिले।
कम उम्र में साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए आराध्य अपने आसपास के बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। उनकी यह पहल योग, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
रिपोर्ट : मनोहर लाल चुघ



