संस्कार भारती ने 101 कला गुरुओं का किया सम्मान,भारतीय कला-संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प


हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा, 26 जुलाई। गुरु पूर्णिमा एवं संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संस्कार भारती, जिला आगरा द्वारा रविवार को बल्केश्वर स्थित सेंट एंड्रयूज स्कूल के वातानुकूलित सभागार में 101 कला गुरुओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे एवं भगवान नटराज के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में आगरा सहित फिरोजाबाद, मथुरा, वृंदावन, एटा, हाथरस, शाहजहाँपुर, अलीगढ़, बरेली और बदायूँ से आए कला, साहित्य, संगीत, रंगमंच और लोक संस्कृति से जुड़े गुरुओं को सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि जो देश अपनी कला और संस्कृति को आगे नहीं बढ़ाते, वे विकास की दौड़ में पीछे रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय कला, संस्कृति और ज्ञान को वैश्विक पहचान दिलाने में कला गुरुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्य वक्ता राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र ने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के संरक्षण पर बल दिया।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बलदेव भाई, समाजसेवी भूप सिंह इंदौलिया, सेंट एंड्रयूज शिक्षा समूह के मुख्य प्रबंध निदेशक डॉ.गिरधर शर्मा, एडवोकेट अमित जैन, पवन गुप्ता, मनीष अग्रवाल, संस्कार भारती के अखिल भारतीय पदाधिकारी एवं प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रांतीय अध्यक्ष सीए संजय गोयल एवं जिलाध्यक्ष राम अवतार यादव ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि जिला महामंत्री यतेन्द्र सोलंकी ने संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।

समारोह का प्रमुख आकर्षण 100 उभरते कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं। ध्येय गीत, गुरु वंदना, सरस्वती वंदना, लोक नृत्य, नाटक, वंशी वादन, एकल गीत एवं नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुँवर अनंत विश्वेन्द्र सिंह द्वारा निर्मित पद्मश्री बाबा योगेंद्र दा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर 'कला कुंज भारती' के प्रथम अंक का लोकार्पण भी किया गया।

समारोह में साहित्य, पत्रकारिता, इतिहास, चित्रकला, संगीत, रंगकर्म एवं लोक कला से जुड़े 101 विशिष्ट कला गुरुओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में कवि रामेंद्र मोहन त्रिपाठी, इतिहासविद् प्रो. सुगम आनंद, डॉ. कुसुम चतुर्वेदी, डॉ. सुषमा सिंह, डॉ. अमिता त्रिपाठी, पंडित मनोज दुबे, वरिष्ठ पत्रकार आदर्श नंदन गुप्त, डॉ. भानु प्रताप सिंह, डॉ. महेश धाकड़ सहित विभिन्न जनपदों के अनेक प्रतिष्ठित कला साधक शामिल रहे।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार राज बहादुर सिंह 'राज' ने किया तथा प्रांतीय कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।