डीएल एजेंसियों पर सीएम योगी सख्त, भ्रष्टाचार व अवैध वसूली की शिकायतों पर जांच के निर्देश

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) से जुड़ी एजेंसियों पर भ्रष्टाचार और कर्मचारियों से कथित अवैध वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई। सोमवार को जनता दर्शन में पहुंचे पीड़ित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि भर्ती के नाम पर उनसे 3 से 4 लाख रुपये तक वसूले गए तथा वेतन का अग्रिम भुगतान न करने पर कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि ऐसी कंपनियों को परिवहन विभाग में कार्य क्यों दिया गया और पीड़ितों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिवहन विभाग के अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को मुख्यालय बुलाकर एजेंसियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दीं।

पीड़ितों का आरोप है कि डीएल निर्माण, प्रिंटिंग और डिलीवरी का कार्य कर रही एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने नियुक्ति के नाम पर अवैध वसूली की और कर्मचारियों से कंप्यूटर व यूपीएस तक लगवाए। वहीं, छह माह से शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने का भी आरोप लगाया गया।

हालांकि, एजेंसियों और परिवहन विभाग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।