ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में अनियमितता का मामला,998 लाइसेंसों की जांच में सामने आई गड़बड़ी, विजिलेंस जांच के निर्देश
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
लखनऊ, 1 सितंबर। बस्ती के उप संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में अनियमितताओं के मामले में परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। परिवहन आयुक्त ने मोटरयान निरीक्षक संजय कुमार दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि मोटरयान निरीक्षक सीमा गौतम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध सतर्कता जांच के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन, उत्तर प्रदेश,लखनऊ को पत्र भेजा गया है।
जांच में सामने आया कि संजय कुमार दास द्वारा 785 तथा सीमा गौतम द्वारा 213 ड्राइविंग लाइसेंस आवश्यक जांच-पड़ताल पूरी किए बिना मंजूर किए गए। इस तरह कुल 998 लाइसेंसों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
मामले की विस्तृत जांच में बस्ती कार्यालय के कम्प्यूटरीकृत रिकॉर्ड के साथ एनआईसी लखनऊ से प्राप्त डाटा का भी परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट 31 अगस्त 2026 को प्रस्तुत की गई।
जांच में यह भी पाया गया कि प्रदेश में 1 अप्रैल 2013 से ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन सारथी पोर्टल के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं, इसके बावजूद बस्ती कार्यालय में 1 अप्रैल 2013 के बाद जारी कुछ लाइसेंसों को बैकलॉग किया गया। लाइसेंस आवेदन मंजूर करने से पहले सारथी पोर्टल पर उपलब्ध ‘Extract of Driving Licence’ और ‘Application Personal Details’ का समुचित परीक्षण नहीं किया गया। कई मामलों में पुराने ड्राइविंग लाइसेंस की प्रति भी आवेदन के साथ अपलोड नहीं की गई थी।
इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन के लिए किए गए कई आवेदनों में प्रस्तुत पते के प्रमाणों का भी आवश्यक सत्यापन नहीं कराया गया।
नियम विरुद्ध लाइसेंस होंगे निरस्त :
परिवहन आयुक्त ने बताया कि जांच में नियमविरुद्ध पाए गए ड्राइविंग लाइसेंसों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में सेवा प्रदाता कंपनी के जिन कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है, उन्हें सेवा से हटाने तथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और उसकी सिक्योरिटी (बैंक गारंटी) जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार, लापरवाही और नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी।

