आठवें वेतन आयोग में देरी पर 30% अंतरिम राहत की मांग,रेलवे बोनस की गणना में संशोधन की उठाई आवाज






उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ ने प्रधानमंत्री एवं रेलवे बोर्ड अध्यक्ष के नाम डीआरएम आगरा के माध्यम से सौंपे दो ज्ञापन

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा छावनी, 27 अक्टूबर। उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ (UMRKS) ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने में हो रही देरी के मद्देनजर केंद्रीय कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के लिए 30 प्रतिशत अंतरिम राहत देने तथा रेलवे कर्मचारियों के उत्पादकता संबद्ध बोनस (PLB) की गणना में संशोधन करने की मांग उठाई है। इस संबंध में मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक, आगरा के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए।
उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ, भारतीय रेलवे मजदूर संघ (BRMS) एवं भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबद्ध है। संघ ने कहा कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत में लगातार हो रही वृद्धि के बीच कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत देना आवश्यक है। वहीं, रेलवे कर्मचारियों को बोनस का लाभ लागू वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
1. एक जनवरी 2026 से 30 प्रतिशत अंतरिम राहत देने की मांग :
संघ ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अंतिम रूप लेने और उनके लागू होने तक पात्र केंद्रीय कर्मचारियों के वर्तमान मूल वेतन तथा पेंशनभोगियों की मूल पेंशन पर 30 प्रतिशत अंतरिम राहत प्रदान की जाए। संघ ने इस राहत को एक जनवरी 2026 से प्रभावी मानने का अनुरोध किया है।
संघ का कहना है कि महंगाई के कारण कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों की आर्थिक कठिनाइयां बढ़ रही हैं। ऐसे में नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने तक अंतरिम राहत मिलने से उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा। साथ ही, वेतन आयोग की प्रक्रिया में तेजी लाकर संशोधित वेतन एवं पेंशन संरचना जल्द लागू की जानी चाहिए।
2. रेलवे बोनस की गणना में ₹7,000 की सीमा की समीक्षा की मांग :
संघ ने रेलवे कर्मचारियों के उत्पादकता संबद्ध बोनस (PLB) की गणना के लिए निर्धारित ₹7,000 प्रतिमाह की वेतन-सीमा पर भी सवाल उठाए हैं। रेलवे बोर्ड के 14 अक्टूबर 2026 के परिपत्र संख्या RBE 84/2026 के संदर्भ में संघ ने संबंधित वैधानिक प्रावधानों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन करने की मांग की है।
संघ के अनुसार, बोनस की गणना में ₹7,000 प्रतिमाह अथवा लागू वैधानिक प्रावधानों के अनुसार संबंधित न्यूनतम मजदूरी, जो भी अधिक हो, के प्रावधान की विधिसम्मत समीक्षा की जानी चाहिए। यदि लागू न्यूनतम मजदूरी निर्धारित सीमा से अधिक है, तो संबंधित कानूनों एवं नियमों के अनुरूप बोनस की गणना सुनिश्चित की जानी चाहिए।
3. बोनस गणना की सीमा ₹18,000 करने की मांग :
उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत निर्धारित ₹18,000 प्रतिमाह के न्यूनतम मूल वेतन और रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना के लिए लागू ₹7,000 की सीमा के बीच अंतर को दूर करने की मांग की है।
संघ ने रेलवे बोर्ड से बोनस की गणना के लिए कम-से-कम ₹18,000 प्रतिमाह की वेतन-सीमा निर्धारित करने पर आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया है। साथ ही, संशोधित व्यवस्था लागू होने पर पात्र कर्मचारियों को बकाया अंतर राशि का भुगतान करने तथा सभी जोनल रेलवे एवं उत्पादन इकाइयों के लिए एकसमान निर्देश जारी करने की मांग भी की गई है।
संघ ने यह भी कहा कि बोनस गणना की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर कर्मचारियों के वास्तविक मूल वेतन एवं महंगाई भत्ते को ध्यान में रखते हुए अधिक न्यायसंगत प्रणाली लागू करने पर विचार किया जाना चाहिए।
कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए शीघ्र कार्रवाई का आग्रह :
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि रेलवे कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हुए यात्री एवं माल परिवहन को सुरक्षित, सुचारु और समयबद्ध बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके वेतन, पेंशन और बोनस से जुड़े मामलों में समयबद्ध एवं न्यायसंगत निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ ने केंद्र सरकार एवं रेलवे बोर्ड से दोनों ज्ञापनों में उठाई गई मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। संघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों के न्यायसंगत हितों की रक्षा के लिए वह लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
 लोको पायलट एवं ट्रेन मैनेजर लॉबी में जुटे पदाधिकारी और कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम से पूर्व आगरा छावनी स्थित लोको पायलट एवं ट्रेन मैनेजर लॉबी परिसर में उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकत्र हुए। इस दौरान कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई और संगठन की मांगों को प्रभावी ढंग से उठाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जोनल संयुक्त मंत्री बंशी बदन झा, मंडल अध्यक्ष हरि बल्लभ दीक्षित, मंडल मंत्री यू.एस. भारद्वाज, संगठन मंत्री राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष आर.के. गौतम, एन.एल. सिंह, उदय सिंह मीणा, राहुल कुमार, सुरेंद्र गौतम, दिलीप कुमार दीक्षित, विशाल बाबू, एच.डी. सिंह, सुनील कुमार निर्मलकर, जे.पी. सिंह, शिव प्रकाश गुप्ता, के.आर. मीणा, राजीव कुमार, शुभम गर्ग, वाई.पी. सिंह, वेद प्रकाश, सत्य पाल कठेरिया एवं अरविन्द चौहान सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।