यूपीआई पर चार्ज लगाने के फैसले का व्यापारियों ने किया विरोध



करंट व सीसी खातों में विभिन्न शुल्क वसूले जाने पर भी जताई नाराजगी

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। आगरा मंडल व्यापार संगठन के पदाधिकारियों एवं व्यापारी नेताओं की बैठक संगठन के कार्यालय पर हुई। बैठक में यूपीआई पर 0.04 प्रतिशत चार्ज लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया। व्यापारी नेताओं ने कहा कि यूपीआई डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है और इस पर अतिरिक्त चार्ज लगाने से व्यापारियों एवं आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक भार बढ़ेगा।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारियों द्वारा 2 अक्टूबर को इस मुद्दे को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का संगठन समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी व्यापारियों के हित में होने वाले आंदोलनों में संगठन अपनी सहभागिता निभाएगा।

बैठक में सरकारी बैंकों द्वारा करंट एवं सीसी खातों में मेंटेनेंस तथा न्यूनतम कैश डिपॉजिट चार्ज के नाम पर राशि काटे जाने का मुद्दा भी उठाया गया। व्यापारी नेताओं ने कहा कि इन शुल्कों के कारण व्यापारियों और आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। उनका कहना था कि ग्राहकों द्वारा बैंकों से जानकारी मांगने पर उन्हें यह बताया जाता है कि राशि कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से स्वतः काटी जा रही है, जबकि बैंकिंग सिस्टम की व्यवस्था बैंकों द्वारा ही निर्धारित की जाती है।

संगठन ने बताया कि इस संबंध में वित्त मंत्री, भारत सरकार तथा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को कई पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई है कि उक्त शुल्क सरकार अथवा आरबीआई की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार लिए जा रहे हैं या नहीं। संगठन के अनुसार, अभी तक इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।

व्यापारी नेताओं ने कहा कि विभिन्न प्रकार के शुल्क लगाए जाने से आम जनता और छोटे व्यापारियों पर लगातार अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। इससे व्यापारियों को अपना कारोबार संचालित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में पवन बंसल, गिरीश चंद्र शर्मा, त्रिलोक चंद शर्मा, राजेश गोयल, राजीव गुप्ता, नीतू अग्रवाल, रिंकू अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, डीके जैन, सचिन गर्ग (एडवोकेट), अंकित पाठक, सौरभ अग्रवाल और नितिन अग्रवाल सहित संगठन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।