रिश्तों की अहमियत और भारतीय परिवारों के मूल्यों को दर्शाता ‘संस्कार’,दर्शकों के दिलों में बना रहा खास जगह



हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

धारावाहिक समीक्षा : संस्कार

लेखक एवं निर्देशक: के.सी. बोकाडिया

निर्माता : के.सी. बोकाडिया और राजेश बोकाडिया

कलाकार : अमन वर्मा, महेश ठाकुर, जरीना वहाब, दर्शन जरिवाला, मुग्धा गोडसे, राकेश बेदी, राजेश खेरा, सुप्रिया कार्णिक, पंकज बेरी, निशिगंधा, संजय गुरबक्सानी, निखिल पारखी और अन्य

प्रसारण : सोमवार से शुक्रवार, रात 8 बजे, डीडी नेशनल

रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐ 4 स्टार

आज के टेलीविजन दौर में जहां कई धारावाहिकों की कहानियां पारिवारिक तनाव, साजिश और टकराव के इर्द-गिर्द घूमती हैं, वहीं ‘संस्कार’ एक अलग पहचान बनाता है। यह धारावाहिक परिवार, आपसी विश्वास, रिश्तों की गरिमा और भारतीय जीवन-मूल्यों को केंद्र में रखता है। इसकी कहानी दर्शकों को उन पारिवारिक परंपराओं और भावनात्मक रिश्तों की याद दिलाती है, जिनकी अहमियत समय के साथ कम होती दिखाई दे रही है।

के.सी. बोकाडिया और राजेश बोकाडिया ने बीएमबी प्रोडक्शंस के बैनर तले इस धारावाहिक का निर्माण किया है। के.सी. बोकाडिया का लेखन और निर्देशन कहानी को एक पारिवारिक दृष्टिकोण देता है। धारावाहिक में अमन वर्मा, महेश ठाकुर, जरीना वहाब, दर्शन जरिवाला, मुग्धा गोडसे, राकेश बेदी, राजेश खेरा, सुप्रिया कार्णिक, पंकज बेरी, निशिगंधा, संजय गुरबक्सानी और निखिल पारखी सहित लगभग 35 अनुभवी कलाकार नजर आते हैं। इतने बड़े कलाकारों के समूह ने कहानी को विविधता और मजबूती दी है।

‘संस्कार’ की एक खास विशेषता इसके गीत भी हैं, जिन्हें उदित नारायण और कविता कृष्णमूर्ति जैसे लोकप्रिय गायकों ने अपनी आवाज दी है। संगीत धारावाहिक की भावनात्मक पृष्ठभूमि को और प्रभावशाली बनाता है। इसकी शूटिंग बनारस, जयपुर और कश्मीर जैसी खूबसूरत लोकेशनों पर की गई है, जो दृश्यात्मक स्तर पर भी इसे आकर्षक बनाती है।

धारावाहिक की कहानी संयुक्त परिवार और रिश्तों की उस दुनिया को सामने लाती है, जहां सुख-दुख में परिवार के सदस्य एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। इसमें केवल घर के सदस्यों के रिश्तों की बात नहीं है, बल्कि समाज और पड़ोस के प्रति जिम्मेदारी तथा मानवीय संवेदनाओं को भी महत्व दिया गया है। यही पहलू इसे सामान्य पारिवारिक मनोरंजन से आगे ले जाता है।

दर्शकों की प्रतिक्रियाओं से भी धारावाहिक को मिल रही सराहना का अंदाजा लगाया जा सकता है। के.सी. बोकाडिया को दर्शकों के फोन और संदेश मिलते रहते हैं, जिनमें लोग कहानी, संवाद, सिनेमैटोग्राफी और लोकेशनों की तारीफ करते हैं। धारावाहिक का विषय उन दर्शकों से खास जुड़ाव बनाता है, जो टेलीविजन पर पारिवारिक रिश्तों और सकारात्मक सामाजिक संदेश वाली कहानियां देखना पसंद करते हैं।

निर्माता राजेश बोकाडिया कहते हैं, “मेरे सिर पर अपने पिताजी के.सी. बोकाडिया और भाई प्रमोद बोकाडिया का आशीर्वाद है। हम उनके बताए रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। इसलिए हमारा प्रयास रहता है कि ऐसा काम करें, जिस पर परिवार को गर्व हो। बीएमबी प्रोडक्शंस और के.सी. बोकाडिया का नाम पारिवारिक सिनेमा से जुड़ा रहा है। हमारी कोशिश है कि हर प्रोजेक्ट ऐसा हो, जिसे बच्चे और परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर देख सकें। ‘संस्कार’ को दर्शकों से जो प्यार मिल रहा है, वह हमारी उम्मीदों से भी बढ़कर है। इसकी लोकेशन, कैमरा वर्क और तकनीकी टीम ने इसे बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ‘सरदार: द गेम चेंजर’ के बाद ‘संस्कार’ के माध्यम से भी हम दर्शकों के सामने एक अलग और सार्थक विषय लेकर आए हैं।”

के.सी. बोकाडिया भारतीय सिनेमा के जाने-माने फिल्मकार हैं। ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘तेरी मेहरबानियां’, ‘कुदरत का कानून’, ‘आज का अर्जुन’, ‘फूल बने अंगारे’ और ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ जैसी चर्चित फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। पारिवारिक भावनाओं और सामाजिक विषयों को पर्दे पर प्रस्तुत करने का उनका अनुभव ‘संस्कार’ में भी दिखाई देता है।

इससे पहले बीएमबी प्रोडक्शंस ने ऐतिहासिक धारावाहिक ‘सरदार: द गेम चेंजर’ का निर्माण किया था, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका अभिनेता रजित कपूर ने निभाई। अब ‘संस्कार’ के जरिए निर्माता राजेश बोकाडिया और निर्देशक के.सी. बोकाडिया ने पारिवारिक मनोरंजन के क्षेत्र में अपनी अगली प्रस्तुति दी है।

निर्माताओं के आगामी प्रोजेक्ट्स में ‘रक्षाबंधन’ भी शामिल है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते पर आधारित है।

कुल मिलाकर, ‘संस्कार’ उन दर्शकों के लिए एक अच्छा विकल्प है, जो टेलीविजन पर पारिवारिक मनोरंजन के साथ रिश्तों की अहमियत और भारतीय मूल्यों को देखना चाहते हैं। मजबूत कलाकारों की टीम, खूबसूरत लोकेशन, मधुर गीत और पारिवारिक विषय इसे देखने योग्य बनाते हैं।

हमारी रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐ 4/5

रिपोर्ट  : शिव कुमार राजपूत