श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति ने पार्वती घाट पर किया यमुना मैया का पूजन-अर्चन, चुनरी अर्पित कर की निर्मल धारा की कामना
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। यमुना मैया की चुनरी तभी सार्थक होगी, जब उनकी धारा स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषणमुक्त होगी। इसी संकल्प और संदेश के साथ रविवार को श्री कृष्णलीला महोत्सव समिति की ओर से बल्केश्वर स्थित पार्वती घाट पर यमुना मैया का चुनरी मनोरथ उत्सव श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ आयोजित किया गया। बैंड-बाजों और ढोल के साथ निकली चुनरी मनोरथ यात्रा, यमुना मैया की पूजा-अर्चना, चुनरी अर्पण और दीपदान ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने यमुना संरक्षण का संकल्प लेते हुए लोगों से नदी को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मनोज बंसल, महंत गोपी गुरु, डॉ. हरेंद्र गुप्ता और वत्सला प्रभाकर ने यमुना मैया के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। अतिथियों ने कहा कि यमुना का संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और भावी पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा है।
यमुना की पूजा के साथ स्वच्छता भी जरूरी : पुरुषोत्तम खंडेलवाल
विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि यमुना मैया केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं की साक्षी हैं। यमुना के प्रति सच्ची श्रद्धा तभी पूर्ण होगी, जब प्रत्येक व्यक्ति उनकी स्वच्छता और संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। उन्होंने यमुना को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए जनसहभागिता को आवश्यक बताया।
समिति अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को यमुना संरक्षण के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। यमुना में कूड़ा, प्लास्टिक, पूजन सामग्री और अन्य अपशिष्ट डालने से बचना चाहिए। घाटों की स्वच्छता बनाए रखना, पूजन सामग्री का उचित निस्तारण करना और नदी में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को रोकना प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। समिति धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ समाज में यमुना संरक्षण की भावना को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है।
बैंड-बाजों के साथ निकली चुनरी मनोरथ यात्रा :
चुनरी मनोरथ उत्सव के अंतर्गत बल्केश्वर स्थित गणेश राम नागर स्कूल से पार्वती घाट तक बैंड-बाजों और ढोल के साथ भव्य चुनरी मनोरथ यात्रा निकाली गई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। यमुना मैया के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। धार्मिक उल्लास के बीच निकली यात्रा ने श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
पार्वती घाट पहुंचने पर विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद नाव के माध्यम से यमुना मैया को चुनरी अर्पित की गई। महंत अनंत उपाध्याय, पंडित मुकेश शर्मा और पंकज शास्त्री के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने पूजन किया तथा दुग्धधारा अर्पित कर यमुना मैया की आराधना की। इसके बाद घाट पर दीपदान कर सुख-समृद्धि, लोककल्याण और यमुना की निर्मल धारा के लिए प्रार्थना की गई।
आयोजन में समिति के सदस्य पीले और लाल वस्त्र धारण कर शामिल हुए, जबकि महिलाओं ने चुनरी की साड़ियां पहनकर धार्मिक उत्सव की शोभा बढ़ाई। भक्ति गीतों, जयकारों और दीपदान के बीच श्रद्धालुओं ने यमुना मैया के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की। इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे यमुना में कूड़ा, प्लास्टिक और पूजन सामग्री न डालें तथा स्वयं स्वच्छता का संकल्प लेकर दूसरों को भी जागरूक करें।
13 नवंबर से शुरू होगा श्री कृष्णलीला महोत्सव :
समिति अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि श्री कृष्णलीला महोत्सव का आयोजन 13 नवंबर से आरंभ होगा। उन्होंने चुनरी मनोरथ उत्सव को महोत्सव की धार्मिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए श्रद्धालुओं से आगामी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की।
ये रहे उपस्थित :
कार्यक्रम में विजय रोहतगी, मनोज बंसल, राजीव अग्रवाल, बृजेश अग्रवाल, शेखर गोयल, केके अग्रवाल, कैलाश चंद्र अग्रवाल, मनोज गोयल, रवींद्र अग्रवाल, शंभू खंडेलवाल, विनीत सिंघल, मनोज गुप्ता, वीरेंद्र गोयल, जवाहरलाल सिंघल, अनूप गोयल, विष्णु अग्रवाल, संजय गर्ग, सतीश गौड़, अशोक कुमार गोयल, आदर्श नंदन गुप्त, लक्ष्मण शर्मा, हर्ष दत्त शर्मा, रमेश कुमार गुप्ता, गिर्राज बंसल, सुजाता अग्रवाल और तनु गुप्ता सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

