एमिटी के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को बताया गया औषधीय पौधों की खेती का महत्व।




हिन्दुस्तान वार्ता, नोयडा।अनिल दूबे।

एमिटी कृषि प्रसार सेवा केन्द्र, एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा द्वारा औषधीय पौधों की खेती पर एक दिवसीय किसान क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन गाँव शरकपुर ब्लाक जेवर, गौतमबुद्ध नगर में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (छ।ठ।त्क्) के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 40 किसानों के साथ, नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक, श्री चंचल गौतम, एमिटी कृषि प्रसार सेवा केन्द्र की प्रभारी डा0 नीतू सिंह व एमिटी कृषि प्रसार सेवा केन्द्र वरिष्ठ शोध अधिकारी श्री रोशन लाल, एवं जिले के कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने भाग लिया।


नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक, श्री चंचल गौतम ने एमिटी कृषि प्रसार सेवा केन्द्र द्वारा किसानों के प्रक्षे़़त्र पर औषधीय पौधों के प्रदर्शनों की सराहना की। साथ ही साथ किसानों को नाबार्ड के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं एफपीओ, एग्री क्लीनिक आदि के बारे में बताया।


एमिटी कृषि प्रसार सेवा केन्द्र की प्रभारी डा0 नीतू सिंह ने परियोजना के उद्देश्य एवम् उपलब्धियों को बताते हुए किसानों को औषधीय पौधों की जैविक खेती के बारे में विस्तृत रूप से तकनीकी जानकारी दी। दैनिक जीवन में औषधीय पौधों के महत्व एवं उपयोग के बारे में किसानों को बताया। उन्होनें कहा कि एमिटी द्वारा सदैव किसानों की समस्याआंें के निवारण हेतु प्रयास किया जाता है।


एमिटी कृषि प्रसार सेवा केन्द्र वरिष्ठ शोध अधिकारी श्री रोशन लाल ने किसानों को बताया कि अपने फसल चक्र में औषधीय पौधों को सम्मलित करके एवं औषधीय पौधों के साथ अंतर्वतीय फसलों जैसे पपीता, आंवला, टमाटर व सब्जियों का समावेश करके अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते है।


इस अवसर पर अतिथियों और एमिटी कृषि प्रसार सेवा केन्द्र के अधिकारियों ने किसानों के प्रश्नों के उत्तर प्रदान किया।