अध्यक्ष राज्य महिला आयोग उ.प्र.डा0 बबीता सिंह चौहान ने नवीन सर्किट हाउस में की महिला जनसुनवाई



जनसुनवाई में 78 आवेदन हुए प्राप्त,संबंधित को प्रभावी कार्यवाही कर निस्तारण की आख्या उपलब्ध कराने के दिए निर्देश,घरेलू झगड़े के एक प्रकरण में मौके पर ही समझौता करा किया निस्तारण

हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो

आगरा : अध्यक्ष राज्य महिला आयोग उ.प्र. डा.बबीता सिंह चौहान ने नवीन सर्किट हाउस में महिला जन सुनवाई की तथा महिला उत्पीड़न तथा सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाने हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में सर्व प्रथम जिला प्रोबेशन अधिकारी अध्यक्ष महोदया को पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया तथा उपस्थित सभी अधिकारियों का परिचय प्राप्त किया। तत्पश्चात मा.अध्यक्ष द्वारा विगत समीक्षा बैठक तथा जनसुनवाई में आए प्रकरणों पर की गई कार्यवाही व अनुपालन आख्या को तलब किया, जिसमें बताया गया कि विगत जनसुनवाई में 42 प्रकरण सम्बन्धित विभागों में निस्तारण हेतु प्रेषित किए गये थे,जिसका पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा शत-प्रतिशत् निस्तारण व कार्यवाही कर न्याय प्रदान किया गया है। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण व जवाब तलब की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने समय से अनुपालन आख्या उपलब्ध न कराने वाले विभागों को कड़ी चेतावनी दी तथा कहा कि जनसुनवाई के एक सप्ताह के अन्दर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर अपने विभाग की अनुपालन आख्या प्रेषित करना सुनिश्चित करें। 

राज्य महिला आयोग उ0प्र0 द्वारा जनपद में 72 प्रकरण पुलिस विभाग को प्रेषित किए गये थे,जिसमें 55 प्रकरण पर कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है,शेष 17 प्रकरणों पर कार्यवाही की जा रही है। बैठक में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना,वृद्धा पेंशन योजना,मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना,मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना आदि की समीक्षा की गई, जनपद में पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना (विधवा पेंशन) में कुल 70676 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है।

जनसुनवाई में 78 आवेदन प्राप्त हुए जिन पर संबंधित को प्रभावी कार्यवाही कर निस्तारण की आख्या उपलब्ध कराने को निर्देशित किया एवं घरेलू झगड़े के एक प्रकरण में मौके पर ही समझौता कर निस्तारण किया गया। जन सुनवाई में अधिकांश मामले घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता व पेंशन के रहे, मा. अध्यक्ष महोदया द्वारा जनपद के प्राप्त विभिन्न प्रकरणों पर संबंधित थानाध्यक्षों से दूरभाष पर वार्ता कर त्वरित कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए। मा.अध्यक्ष महोदया ने बैठक में नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षित व जागरूक महिला अपनी शिकायत को महिला आयोग सहित विभिन्न संस्थाओं व अधिकारियों को प्रेषित कर सकती है, लेकिन पुलिस थाने में पहुंचने वाली अधिकांश महिलाएं गरीब,असहाय होती हैं, वह थानें में इस उम्मीद के साथ पहुंचती हैं, की उनकी रिपोर्ट दर्ज की जायेगी तथा उनकी शिकायत पर कार्यवाही की जायेगी। थानें में शिकायत लेकर आने वाली पीड़ित महिलाओं की तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, उन्हें बिना कारण के थाने के चक्कर न लगावायें, मा0 अध्यक्ष महोदया ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि महिलाओं सम्बन्धी अपराधों का तत्काल संज्ञान लेकर अपराधियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए।  पुलिस विभाग तथा अन्य विभागों द्वारा महिला अपराध संबंधी प्रकरणों तथा सरकार द्वारा संचालित महिला व जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र गरीब, निराश्रित,जरूरतमंद महिलाओं को लाभान्वित न करने व त्वरित प्रभावी कार्यवाही न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा कहा कि सरकार पात्र गरीब, निराश्रित महिलाओं को पेंशन,आवास, शौचालय आदि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु कार्य कर रही है अधिकारी भी संवेदनशीलता से प्रभावी कार्यवाही करें।

जनसुनवाई के पश्चात अध्यक्ष,उ0प्र0 राज्य महिला आयोग  ने सर्किट हाउस सभागार में पत्रकार से वार्ता करते हुए कहा कि सांसद श्रीमती डिम्पल यादव  के लिए मौलाना द्वारा कही गई बातों की मैं घोर निन्दा करती हूं,डिम्पल जी, सांसद हैं, किसी भी मौलाना या अन्य को महिलाओं के लिए इतनी छोटी व हल्की बात कहने का कोई अधिकार नहीं है। मौलाना द्वारा इस प्रकार की अभद्र अमर्यादित भाषा का उपयोग किया गया है, उसको आयोग द्वारा संज्ञान लिया गया है,उन्होंने कहा कि मौलाना ने भी किसी मां की कोंख से ही जन्म लिया है, उन्हें इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। हर घर में बेटियां भी हैं और महिलायें भी हैं, महिलाओं को समाज में सॉफ्ट टारगेट समझा जाता है। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में प्रदेश में धर्मान्तरण की घटनायें घटी हैं,उनमें भी महिलाओं को ही निशाना बनाया गया है। महिलओं के विरूद्ध ऐसी अभद्र टिप्पणियों को संज्ञान में लेकर आयोग द्वारा नोटिस जारी किया गया है, महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मेरे द्वारा जनसुनवाई कर व्यक्तिगत रूप से रूचि ली जाती है,यही कारण है कि विगत जनसुनवाई में प्राप्त 42 शिकायतों का पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा शत-प्रतिशत् निस्तारण व कार्यवाही कर न्याय प्रदान किया गया है। उन्होंने छांगुर बाबा प्रकरण में कहा कि महिलाओं में जागरूकता की कमी,शिक्षा का आभाव व गरीबी का लाभ उठाकर उन्हें गुमराह कर धन का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया गया। मा0 योगी जी की सरकार ने इस पर कठोर कार्यवाही की है। उन्होंने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि अभिभावक अपनी बच्चियों का ध्यान रखें कि वे कहां जा रही हैं,क्या कर रहीं हैं,उनके रहन सहन,पहनावे में यदि बदलाव दिख रहा है तो अभिभावक जरूर पता करें कि बच्चे के पास इतनी सारी सुविधायें कहां से आ रही हैं,

 इस पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की महिला उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए जो भी कठोर कदम उठाना पड़े आयोग द्वारा उठाया जायेगा, इसके लिए उ0प्र0 महिला आयोग द्वारा जागरूकता हेतु सतत अभियान चलाया जा रहा है। 

 जनसुनवाई में आये बच्चों के लिए पोषण सामग्री, विभिन्न वस्तुओं की बेबी किट प्रदान की गई। 

 जन सुनवाई में सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान,एसीपी सुकन्या शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अरूण कुमार श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी  अतुल सोनी, जिला कौशल प्रबंधक अमित कुमार धाकरे, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्या, जिला सूचना अधिकारी शीलेंद्र कुमार शर्मा,एसएचओ महिला हेमलता,उपनिरीक्षक थाना छत्ता, थाना मलपुरा, एत्माद्दौला, शामशाबाद, हरीपर्वत, रकाबगंज, सिकन्दरा, फतेहपुरसीकरी, एमएम गेट, सदर बाजार, कमला नगर, नाई की मण्डी, मंटोला, सैयां, कोतवाली व उपनिरीक्षक आरपीएफ कैंट सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण आदि मौजूद रहे। 

रिपोर्ट - असलम सलीमी