हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो
आगरा : श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी 1997 से अज्ञात मृतकों का दाह संस्कार कर उनकी अस्थियों को सुरक्षित व व्यवस्थित रख हर तीन साल बाद विसर्जन यात्रा कार्यक्रम आयोजित कर गंगा में विसर्जित करती आ रही है। यदि इस दौरान किसी अज्ञात मृतक के परिजन अस्थिफूल लेने आ जाते है तो उनको अस्थिफूल सौप दिये जाते है।अस्थि विसर्जन कार्यक्रम अनूठा कार्यक्रम है । इस बार कमेटी 23,24,25 अगस्त को नवम अस्थि विसर्जन कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
इस बार 2526 अज्ञात व असहाय मृतकों के अस्थि फूलों को गंगा में विसर्जित किया जायेगा। ऐसा माना जाता है कि जब तक मृतक की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित नहीं किया जाता ,उनकी आत्मा को शान्ति नहीं मिलती। विद्युत शवदाह परिसर में नवनिर्मित सत्संग हाॅल में आयोजित प्रेस वार्ता में कमेटी के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ,महासचिव राजीव अग्रवाल,उपाध्यक्ष विशनू गर्ग व कोषाध्यक्ष ताराचंद गोयल ने यह जानकारी दी।
नवम अस्थि विसर्जन कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी पर प्रकाश डालते हुए संयोजक संजीव गुप्ता व मनोज शर्मा ने बताया कि 23 अगस्त शनिवार को सुबह 9 बजे विद्युत परिसर स्थित सत्संग हाॅल में गायत्री परिवार की ओर से इनकी आत्म शान्ति के लिए हवन(यज्ञ) किया जायेगा। इसी दिन सायंकाल 4 बजे से संगीतमय सुन्दर कांड पाठ का आयोजन होगा,आयोजन में सामाजिक एवं महिला संगठन की भी भागीदारी रहेगी।24 अगस्त रविवार को कलशों में भरे अस्थि फूलों को विजय अग्रवाल के निर्देशन में तैयार "मुक्ति रथ" में सुसज्जित किया जायेगा। सत्संग हाॅल में ही सायंकाल 4.30 "सर्वधर्म प्रार्थना सभा" कार्यक्रम में विभिन्न धर्मो के धर्मगुरू अपने शब्दों में इनकी मुक्ति के लिए प्रार्थना कर श्रंद्धाजली अर्पित करेगें। परम्परागत पुलिस गारद सलामी के लिए भी पुलिस कमिश्नर से सहमति गई है।
25 अगस्त सोमवार को सुबह 4.30 मुक्ति रथ विद्युत शवदाहगृह परिसर से हड़गंगा सौरों के लिए प्रस्थान करेगा।विसर्जन यात्रा का मार्ग में कई बाजार कमेटियों व सामाजिक संगठनों की ओर से विसर्जन स्वागत-सत्कार किये जाने के समाचार मिल रहे है।
सौरों पहुंच कर विधि-विधान से दोपहर 12 बजे मानव श्रंखला बनाकर गंगा में इन अस्थियों को प्रवाहित कर दिया जायेगा। गंगा स्नान,ब्राह्मण भोज व भंडारा के साथ कार्यक्रम होगा।
पूर्व अध्यक्ष डा.सुरेश गोयल व ओम टंडन ने जानकारी दी कि कमेटी का सबसे पहला अस्थि विसर्जन कार्यक्रम 1997 में सम्पन्न हुआ था।जिसमें 502 मृतकों के अस्थि फूल थे।
इसी प्रकार 2003,2006,2010,2013,2016,2019,2022 में अस्थि विसर्जन कार्यक्रम के तहत कमेटी द्वारा क्रमश 1024,800 ,1501, 1500, 1411, 2080 , 3022 मृतकों के अस्थि फूलों विसर्जित किए जा चुके है। कोई भी व्यक्ति अज्ञात पैदा नहीं होता,उसके साथ घटित घटना उसे अज्ञात बना देती है।घटना के शिकार जब ऐसे किसी मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाती है तो वह अज्ञात की श्रेणी में आ जाता है।अज्ञात किसी भी धर्म व समाज का हो सकता है। अतः सभी धर्म व समाज के लोगों को इस कार्यक्रम में सहभागिता निभानी चाहिए। अस्थि विसर्जन यात्रा में साथ चलने के लिये कमेटी ने बसों की व्यवस्था की है।साथ चलने के लिए 20 अगस्त तक इन मोबाइल नम्बरों पर सम्पर्क किया जा सकता है।
9412253783, 9897455660, 9411086331
9458560279 9837182698,9319653279
प्रेस वार्ता में मीडिया प्रभारी नंदकिशोर गोयल,कृष्ण कुमार (बल्ले भाई), राजीव पोद्दार, कृष्ण कुमार अग्रवाल, (गुडू भाई),विपिन जिंदल, संजय मित्तल, शिव कुमार गुप्ता, संजय बंसल, रितेश गोयल,संजीव गोयल, राधे गुप्ता, संजय गुप्ता आदि की मौजदूगी रही।
रिपोर्ट - असलम सलीमी

