श्री जगन्नाथ मंदिर में भक्ति भाव के साथ मनाया गया मंदिर का 15 वां स्थापना दिवस,भव्य श्रंगार और संकीर्तन साथ भक्तों ने साझा किए अपने अनुभव
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। 13 अगस्त,सूर्य नारायण की लालिमा आभा लिए भगवान श्री जगन्नाथ जी ने बहन सुभद्रा जी व भाई बलभद्र जी संग दर्शन दिए तो हर दिशा हरि बोल व भगवान जगन्नाथ जी के जयकारों से गूंजने लगी। कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर के 15 वें स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर भगवान को सूर्य की आभा लिए नारंगी रंग की पोशाक से श्रंगारित किया गया। मंदिर परिसर को भी नारंगी गुड़हल व गुलाब के पुष्पों से सजाया गया।
वंदावन से आए परम पूज्य राधा गोविन्द महाराज व हरविजय दास ने 15 वर्ष पूर्व मंदिर की स्थापना से लेकर अब तक के संस्मरण सुनाएं व भक्तों के साथ उनके अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि जो भगवान से नाता जोड़ने के साथ भक्तों से प्रेम व आदरपूर्ण व्यवहार भी आवश्यक है। जो भक्त भगवान के साथ विश्व से प्रेम करता है वह प्रथम श्रेणी का भक्त होता है। सिर्फ भगवान की भक्ति ही नहीं दूसरे के साथ व्यवहार भी अच्छा हो, यही जीवन की सफलता है। तपस्या, पूजा पाठ,व्रत के अलावा जो लोग जीवन में सरल और कुशल व्यवहार वाले होते हैं उनके लिए भगवान को प्राप्त करना सुलभ होता है। शास्त्रों के अध्ययन और जरूतमंदों को दान के लिए हमेशा संतुष्ट रहना अच्छा है। अहंकार शून्य हो जाओ। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि वो भक्त मेरा प्रिय है जिसने अपनी मन और बुद्धि को मुझे अर्पित कर दिया।
इस अवसर पर भक्तों ने हरे राम हरे कृष्णा... का संकीर्तन भी किया। फूल बंगला व भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से आगरा इस्कॉन के अध्यक्ष अरविन्द प्रभु, बैकुण्ड दास, विश्वास प्रभु, शशांक प्रभु,ओमप्रकाश अग्रवाल,अदिति गौरांगी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।




