भारतीय पर्यटन विकास का सशक्त स्तंभ : वेडिंग इंडस्ट्री और पर्यटन का संगम

होटल होलीडे इन में यूपी वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन एवं पर्यटन संस्थाओं का वैवाहिक एवं पर्यटन के विकास पर हुआ मंथन 

परस्पर सहयोग से वेडिंग एवं पर्यटन सेक्टर के देश के आर्थिक विकास में निभा सकते है बड़ी भूमिका 

हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो

आगरा। उत्तर प्रदेश वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन द्वारा “भारतीय पर्यटन विकास का सशक्त स्तंभ वेडिंग सेक्टर” और उसकी भूमिका, विषय पर होटल होलीडे इन में एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ पर्यटन उद्यमी सुनील गुप्ता, प्रहलाद अग्रवाल, अमूल्य कक्कड़, रमेश वाधवा, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी, महासचिव संदीप उपाध्याय, सौरभ सिंघल और सीपी चौधरी, सनी गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया।

अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने विषय परिवर्तन करते हुए कहा कि वैवाहिक उद्योग और पर्यटन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब दोनों विचार एक होंगे तो उत्तर प्रदेश न केवल शादियों के लिए, बल्कि पर्यटन के लिए भी देश का सर्वश्रेष्ठ गंतव्य बन सकता है। 

इसी उद्देश को ध्यान में रखते हुए पर्यटन क्षेत्र के विभिन्न संगठन टूरिज्म गिल्ड ऑफ़ आगरा, इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ टूर ऑपरेटर्स, आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैम्बर, होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारिओं के द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में वेडिंग सेक्टर की भूमिका पर विशेष मंथन किया गया।

वरिष्ठ पर्यटन उद्यमी एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ टूर ऑपरेटर्स के नॉर्थेर्न रीजन चेयरमैन सुनील गुप्ता ने कहा कि भारत में वेडिंग इंडस्ट्री का कारोबार करोड़ में पहुंच चुका है। “हर साल 1 से 1.5 करोड़ शादियां होती हैं, जिनमें 10 से 12% की ग्रोथ देखने को मिल रही है। शादी के बाद हनीमून मार्केट का साइज भी बड़ा हो चूका है। यह स्पष्ट है कि जितना बड़ा वैवाहिक उद्योग है, उतना ही बड़ा पर्यटन उद्योग भी है। उन्होंने आगरा में विवाह स्थलों की कमी को बड़ी समस्या बताते हुए राजस्थान की तर्ज पर ऐतिहासिक धरोहरों के आसपास वेडिंग आयोजन की अनुमति देने की मांग रखी, जिसका समर्थन उपस्थित उद्यमियों ने एक स्वर में किया।

अमूल्य कक्कड़ अध्यक्ष टूरिज्म गिल्ड ऑफ़ आगरा ने कहा कि पहले शादियां परंपरा और रीति-रिवाज थीं, अब यह उत्सव और त्योहार बन चुकी हैं। वर-वधु अब खुद निर्णय लेते हैं और वेडिंग प्लानर्स उन्हें हर पल को अनूठा बनाने का विकल्प देते हैं। आगरा में फ्लाइट कनेक्टिविटी व रोड कनेक्टिविटी  बेहतर हुई है, जिससे यहां की वेडिंग इंडस्ट्री पर्यटन विकास का विशेष आधार बानी है, बशर्ते सामूहिक प्रयास किए जाएं तो इस सेक्टर में विस्तार की असीम संभावनाएं है।

आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैम्बर के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ उद्यमी प्रहलाद अग्रवाल ने कहा कि आज हर कोई डेस्टिनेशन वेडिंग का अनुभव करना चाहता है, जिसके लिए शहर छोड़कर जाना आवश्यक नहीं है। यदि सरकार होटल्स के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहरों के आसपास भी कुछ वेडिंग रीति-रिवाज की अनुमति दे, तो न केवल वेडिंग इंडस्ट्री बल्कि पर्यटन उद्योग को भी अत्यधिक लाभ होगा।

पर्यटन उद्यमी रमेश वाधवा ने कहा की वेडिंग डेस्टिनेशन का क्रेज बढ़ा है। बजट होटल से लेकर फाइव स्टार होटल तक सहलक के सीज़न में अच्छा बिज़नेस करते है कोविड के बाद से डेस्टिनेशन वेडिंग एवं होटलों में शादी का क्रेज बढ़ा है ऐसी स्थति में वेडिंग सेक्टर भारतीय पर्यटन उद्योग के विशेष स्तम्भ होटलों सेक्टर के लिए संजीविनी बनकर उभरा है।

परिचर्चा का संचालन वेडिंग एसोसिएशन के महासचिव संदीप उपाध्याय ने किया। 

इस अवसर पर स्वप्निल कुलश्रेष्ठ, सनी गुप्ता, हर्ष सिसोदिया, रिचा भदौरिया, कमलप्रीत सिंह, संदीप सिकरवार, पंकज गोयल, शिखा जैन, विनोद चौधरी, मनदीप,  अमन कपूर, प्रेम सिंह, राहुल गौड़, अवि कुलश्रेष्ठ आदि उपस्थित रहे। एसोसिएशन एडमिनिस्ट्रेटर अनिल सविता, दिलीप कुमार, सागर तोमर, अपरार्क शर्मा, अमित यादव आदि द्वारा व्यवस्था संभाली गईं।