लाइव पेंटिंग बनाकर गर्भ संस्कार और मातृत्व चेतना का संदेश देंगे देश के 10 वरिष्ठ चित्रकार



चित्रलेखा द विलेज ऑफ आर्ट्स सोसायटी द्वारा गर्भ संस्कार एवं मेटरनिटी होम पर रविवार को आयोजित होगी आर्ट कार्यशाला, आयोजकों ने पोस्टर किया जारी

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। ललित कला संस्थान,आगरा की पूर्व निदेशक और वर्तमान में मेवाड़ विश्वविद्यालय,राजस्थान की महानिदेशक जानी मानी चित्रकार प्रो. (डॉ.) चित्रलेखा सिंह के निर्देशन में चित्रलेखा द विलेज ऑफ आर्ट्स सोसायटी एवं लाला चंद्रभान जी साबुन वाले सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित गर्भ संस्कार एवं मेटरनिटी होम द्वारा प्रताप नगर स्थित गर्भ संस्कार एवं मेटरनिटी होम पर एक फरवरी,रविवार को सुबह 10:30 से एक अद्वितीय और ऐतिहासिक आर्ट कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

शुक्रवार को गर्भ संस्कार केंद्र पर जन जागरूकता के लिए आयोजकों द्वारा कार्यक्रम का पोस्टर जारी किया गया। डॉ. चित्रलेखा सिंह,राजीव जैन, सचिन गोयल, पारुल जैन, डॉ. जागृति अग्रवाल, राजकुमार गर्ग एवं आशीष गर्ग* प्रमुख रूप से मौजूद रहे। डॉ. सुधा बंसल, डॉ. सुनीता गर्ग और कांता माहेश्वरी भी इस आयोजन से जुड़ी हुई हैं।

 डॉ.चित्रलेखा सिंह ने बताया कि मातृत्व चेतना के साथ गर्भ संस्कार का संदेश जन-जन को प्रदान करने के लिए संभवत: विश्व में पहली बार भारतीय संस्कृति से जुड़े इस अनूठे,दिव्य और जरूरी विषय पर एक आर्ट कार्यशाला का आयोजन उनके मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसमें डॉ. त्रिलोक शर्मा, डॉ. मंजू बघेल, डॉ. मधु गौतम, डॉ. त्रिगुणातीत जैमिनी, सुदेश कुमार, कमलेश्वर, नरेश, राहुल, सम्यदेव मोंडल और विपिन उपाध्याय सहित आगरा और देश के 10 वरिष्ठ और युवा चित्रकार लाइव पेंटिंग बनाकर गर्भ संस्कार और मातृत्व चेतना का संदेश देंगे।

गर्भ संस्कार विषय पर महाविद्यालयों में चल रही चित्रकला प्रतियोगिता :

नई पीढ़ी के हृदय में गर्भ संस्कार एवं मातृत्व चेतना के प्रचार प्रसार के लिए आगरा के विभिन्न महाविद्यालयों में पढ़ रहे स्नातक एवं परा स्नातक छात्र-छात्राओं के लिए गर्भाधान संस्कार विषय पर एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी कई दिनों से चल रहा है। संयोजक नूतन ज्योति और राजीव जैन ने बताया कि चित्रकला प्रतियोगिता के लिए ललित कला संस्थान, आगरा कॉलेज, संत रामकृष्ण कन्या महाविद्यालय, सेंट जॉन्स कॉलेज, बैकुंठी देवी और बीडी जैन गर्ल्स डिग्री कॉलेज सहित विभिन्न महाविद्यालयों से अब तक युवाओं की 50 पेंटिंग प्राप्त हो चुकी हैं।

चित्र प्रदर्शनी होगी आकर्षण का केंद्र :

 एक फरवरी को आर्ट कार्यशाला के दौरान विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा गर्भ संस्कार विषय पर बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी 3 फरवरी तक जारी रहेगी।आयोजकों ने आगरा वासियों से इस प्रदर्शनी को अधिक से अधिक संख्या में देखने की अपील करते हुए कहा कि इस प्रदर्शनी को देखने के लिए जितने अधिक लोग गर्भ संस्कार केंद्र पहुंचेंगे, उतना ही अधिक इन युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलेगा और उतनी ही अधिक गर्भ संस्कार की चेतना जन जन तक पहुँचेगी।

एक फरवरी तक जमा कर सकते हैं चित्र प्रविष्टि :

 कार्यक्रम संयोजक सचिन गोयल ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए चित्र प्रविष्टि जमा करने की तिथि बढ़ा कर एक फरवरी कर दी गई है ताकि अधिक से अधिक युवा चित्रकार इस अनूठे विषय पर अपनी मार्मिक भावनाओं को अभिव्यक्त कर सकें। 04 फरवरी को सभी प्रविष्टियों में से चयनित एवं उत्कृष्ट चित्र बनाने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल कला की दृष्टि से बल्कि संस्कार, संस्कृति और मातृत्व चेतना के क्षेत्र में एक अद्वितीय और ऐतिहासिक दृश्य प्रस्तुत करेगा। यह कार्यक्रम गर्भ संस्कार एवं मेटरनिटी होम की संस्कार आधारित सोच और नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं गौरवशाली अध्याय सिद्ध होगा।

20 वर्ष पहले श्मशान घाट पर बनाई गई थीं पेंटिंग्स :

 श्री क्षेत्र बजाजा कमेटी एवं सत्यमेव जयते ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख समाजसेवी अशोक गोयल ने बताया कि आज से लगभग 20 वर्ष पूर्व डॉ.चित्रलेखा सिंह जी के निर्देशन में उनकी टीम द्वारा आगरा के ताजगंज स्थित मुख्य शमशान घाट पर जाने वाले मार्ग की दीवारों पर स्थाई पेंटिंग बनाई गई थीं जो देश-विदेश में अत्यंत चर्चित रही थीं। इन चित्रों को देखने के लिए बड़ी संख्या में देसी-विदेशी पर्यटक आगरा पहुँचते थे। इस ऐतिहासिक कला आयोजन का उद्घाटन तत्कालीन जिलाधिकारी महोदय द्वारा किया गया था।