हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा : अग्रवाल समाज नामनेर के प्रतिनिधि मंडल द्वारा चुन्नीलाल अग्रवाल धर्मशाला संघर्ष समिति के बैनर तले जिला अधिकारी आगरा को मुख्यमंत्री जी के नाम का ज्ञापन दिया गया। जिसमें अग्रवाल समाज नामनेर के द्वारा स्पष्ट किया गया कि मामला स्टांप ड्यूटी चोरी का नहीं है,बल्कि मामला फर्जी तरीके से दान पत्र किए जाने का है। वीके गुप्ता ने खुद को मुख्य ट्रस्टी व अन्य ट्रस्टियों को मरा हुआ बताकर फर्जी तरीके से यह बैनामा/दान पत्र किया है,जबकि वीके गुप्ता के पास उक्त संपत्ति का कोई मालिकाना अधिकार भी नहीं है।
यह संपत्ति चुन्नीलाल अग्रवाल धर्मशाला चैरिटेबल ट्रस्ट की है जिसका संरक्षण अग्रवाल समाज नामनेर के पास है। रजिस्ट्रार के द्वारा ट्रस्ट की जमीन से संबंधित नियमों की अनदेखी कर एवं बिना जांच किए कि जो व्यक्ति यह दान पत्र करने आया है वह उसका उत्तराधिकारी है कि नहीं, फर्जी तरीके से यह दान पत्र कर दिया।
जिलाधिकारी ने विनम्रता के साथ अग्रवाल समाज नामनेर को सुना एवं तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दिए।अग्रवाल समाज के द्वारा जब AIG योगेश कुमार जी से फोन पर बात की गई तो उन्होंने भी यही बताया कि हम लोग केवल स्टांप ड्यूटी को चेक करते हैं, सामने वाला उस संपत्ति का मालिक है या नहीं है यह चेक करना हमारा काम नहीं है एवं वह दान पत्र वैध है ऐसा हम सत्यापित नहीं कर सकते हैं। यह जांच का विषय है इस पर जांच करवाई जाएगी।
अग्रवाल समाज की ओर से प्रतिनिधि मंडल में श्रीराम सिंघल, रामदास अग्रवाल, अरुण अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, रोहित मित्तल, दिनेश अग्रवाल (लक्ष्मी नारायण फ्लोर मिल), राकेश चौधरी एवं दिनेश अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।


