हिंदी पत्रकारिता के गौरव को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती : प्रो.बघेल
पत्रकारिता में गिरावट रोकने के लिए आत्ममंथन जरूरी : योगेंद्र उपाध्याय
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। ताज प्रेस क्लब द्वारा हिंदी पत्रकारिता की 200वीं जयंती के अवसर पर रविवार को "बदलती पत्रकारिता, बदलती जिम्मेदारी" विषय पर वैचारिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के सामने आज नई-नई चुनौतियां खड़ी हैं और पत्रकारिता के गौरव को बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार संगठनों को गैर-पेशेवर तत्वों से पत्रकारिता को बचाने के लिए आगे आना होगा।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रो. बघेल ने कहा कि सोशल मीडिया सूचना प्रसार का माध्यम हो सकता है, लेकिन स्थायी रिकॉर्ड और विश्वसनीयता के लिए समाचार पत्रों की भूमिका आज भी सर्वोपरि है। उन्होंने ताज प्रेस क्लब भवन में सोलर प्लांट लगवाने के अपने पूर्व आश्वासन को दोहराते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जिस प्रकार अन्य क्षेत्रों में गिरावट देखने को मिली है, इसी प्रकार पत्रकारिता भी इससे अछूती नहीं रही है। उन्होंने पत्रकारों से अपने गौरवशाली इतिहास को स्मरण रखते हुए पेशे की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रेस क्लब को 11 हजार रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की।
पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि पत्रकारिता के बीच सक्रिय गैर-पत्रकार तत्व समाज और मीडिया दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। ऐसे में पत्रकार संगठनों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होना पूरे मीडिया जगत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने पत्रकारों के हितों और पेशेवर विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह, डॉ. प्रतीक मिश्र, राकेश आर्य, आशु सक्सेना, लखनऊ के गोलेश स्वामी तथा जयपुर के अभिषेक मेहरोत्रा को विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया।
क्लब के संस्थापक एवं उपजा आगरा के अध्यक्ष डॉ.बचन सिंह सिकरवार के साथ प्रेस क्लब के कई वरिष्ठ पत्रकारों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
वरिष्ठ पत्रकार राकेश आर्य ने प्रेस क्लब को 51 हजार रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की,जबकि वरिष्ठ पत्रकार नेबिल स्मिथ ने पुस्तकालय के लिए एक अलमारी उपलब्ध कराने का संदेश भेजा।
आयोजन में ओ.पी.आगरी,राजकुमार रंजन, अरविन्द दोहरे समीर,डॉ.महेश धाकड़,डॉ.कृष्ण कुमार सिंह,वीरेन्द्र सिंह,चतुर्भुज तिवारी आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम का संचालन महासचिव विवेक जैन ने किया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने हिंदी पत्रकारिता की दो सौ वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका तथा डिजिटल युग में बढ़ती जिम्मेदारियों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।



