राम-लक्ष्मण-भरत-शत्रुघ्न के मेहंदी, हल्दी, संगीत और लगन टीका समारोह में झलकी त्रेतायुगीन अयोध्या की छटा; राजा जनक शगुन की थाल लेकर पहुंचे, राजा दशरथ ने शहरवासियों को दिया राम बरात का न्योता
हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
आगरा। मंगल गीतों की स्वर लहरियां, हाथों में रची मेहंदी, माथे पर लगन का टीका और वातावरण में गूंजते जय श्रीराम के जयकारे… सोमवार को वॉटर वर्क्स स्थित अग्रवन में ऐसा दृश्य साकार हुआ, मानो त्रेतायुग की अयोध्या स्वयं धरती पर उतर आई हो। श्रीरामलीला महोत्सव-2026 के अंतर्गत राजा दशरथ संजय सिंघल एवं माता कौशल्या नीता सिंघल के संयोजन में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के मेहंदी, हल्दी, संगीत एवं लगन टीका समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
प्रवेश द्वार से लेकर आयोजन स्थल तक भक्तिमय वातावरण रहा। समारोह में रघुनंदन श्रीराम के हाथों पर जब ‘सीता’ नाम की मेहंदी रची गई तो पूरा अग्रवन ‘सियावर रामचंद्र की जय’ और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। परिवार की महिलाओं ने मंगल गीत गाकर विवाहोत्सव की खुशियों को और उल्लासमय बना दिया।
शगुन की थाल लेकर पहुंचे राजा जनक :
राम विवाह की मंगल रस्मों का शुभारंभ राजा जनक के स्वरूप अशोक गोयल और रानी सुनैना के स्वरूप द्वारा परिवार सहित राजा दशरथ के निवास पर पहुंचने से हुआ। राजा जनक शगुन की थाल लेकर पहुंचे, जहां दशरथ परिवार की ओर से उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद मेहंदी, हल्दी और संगीत की रस्मों का सिलसिला शुरू हुआ।
मां कौशल्या ने उतारी चारों भाइयों की नजर,बहन ने की आरती :
समारोह में पारिवारिक स्नेह और वात्सल्य की भी सुंदर झलक देखने को मिली। माता कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल ने प्रभु श्रीराम सहित चारों भाइयों की नजर उतारी। निमिषा सिंघल ने काजल लगाकर स्नेह जताया, जबकि आयुषी गर्ग ने चारों भाइयों की आरती उतारकर मंगल कामना की। इन रस्मों ने पूरे आयोजन को पारंपरिक पारिवारिक विवाह समारोह का भाव दे दिया।
राम सहित चारों भाइयों के हाथों में सजी मेहंदी :
राजा दशरथ के परिवार की महिलाओं ने प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों के हाथों में मेहंदी सजाई। रश्मि, रेनू, सारिका और विनीता ने चारों भाइयों को मेहंदी लगाई। जब श्रीराम के हाथ पर ‘सीता’ नाम लिखा गया तो श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। मंगल गीतों और संगीत के बीच महिलाओं ने विवाह की पारंपरिक रस्मों को पूरे उल्लास के साथ निभाया।
मेहंदी के साथ हल्दी की रस्म भी हुई। ढोलक और संगीत की धुनों पर परिवार की महिलाओं ने मंगल गीत गाए और श्रीराम विवाह की खुशियां मनाईं।
दिनेश चंद्र जी ने उतारी आरती :
मेहंदी, हल्दी और संगीत के बाद लगन टीका समारोह आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र जी ने प्रभु श्रीराम सहित चारों भाइयों के स्वरूपों की आरती उतारी और उन्हें मंगल आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल, मुकेश जौहरी, मनोज अग्रवाल, मोनिका जौहरी सहित कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
इनकी उपस्थिति सराहनीय :
कार्यक्रम में संघ के सह प्रांत प्रचार प्रमुख मनमोहन निरंकारी,एचवी मीडिया स्टेट हैड धर्मेन्द्र कुमार चौधरी,भाजपा नेता रामकुमार शर्मा,मनोहर लाल चुघ,वीरेन्द्र सिंह धाकरे एडवोकेट, वरिष्ठ पत्रकार डॉ.महेश धाकड़,रजत सिंघल आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
अतिथियों का हुआ स्वागत, बच्चों ने बढ़ाई समारोह की रौनक :
समारोह में कृष्णा गर्ग, रजत सिंघल, मनोज अग्रवाल ‘पोली भाई’ और राजेश खुराना ने अतिथियों का स्वागत किया। बच्चों की मौजूदगी ने भी आयोजन में विशेष उत्साह भर दिया। क्रीयांशु, अनिका, जय, आदित्य और प्रथमय सहित अन्य बच्चों ने समारोह की रौनक बढ़ाई।
संगीत की धुनों पर दिया राम बरात का न्योता :
श्रीराम विवाह की रस्मों के बीच राजा दशरथ संजय सिंघल की ओर से शहरवासियों को प्रभु श्रीराम की राम बरात में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया गया। संगीत की धुनों और मंगल गीतों के बीच दिए गए इस न्योते ने पूरे आयोजन को और भव्य बना दिया।
राम विवाह की इन रस्मों में श्रद्धा, परंपरा और पारिवारिक उल्लास का ऐसा संगम देखने को मिला कि अग्रवन में उपस्थित श्रद्धालु कुछ समय के लिए स्वयं को अयोध्या की पावन भूमि पर महसूस करते नजर आए। पूरे आयोजन के दौरान ‘सियावर रामचंद्र की जय’ और ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।



