11 जुलाई से शुरू हो रहा "सावन" हिंदू पंचांग का पांचवां महीना



हिन्दुस्तान वार्ता।✍️ शाश्वत तिवारी

आगरा : सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। इसे ‘शिवजी का प्रिय मास’ माना जाता है। इस महीने में वर्षा, हरियाली और शिव भक्ति का अद्भुत योग बनता है। पौराणिक मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय जब हलाहल विष निकला था। तब भगवान शिव ने उसे पी लिया,लेकिन विष को अपने कंठ में रोक लिया था,जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और वे नीलकंठ कहलाए। 

विष के कारण शिवजी के शरीर में तेज जलन हो रही थी,जिसे शांत करने के लिए ऋषि-मुनियों और अन्य देवताओं ने शिवजी का ठंडे जल से अभिषेक किया था,जिससे शिवजी की जलन शांत हुई थी। इसी मान्यता की वजह से शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है। 

सावन में वर्षा ऋतु के कारण वातावरण में नमी और ठंडक रहती है,जो कि शिवजी को विशेष प्रिय है। एक अन्य मान्यता है कि सावन मास में देवी पार्वती ने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए तप शुरू किया था। इस मान्यता की वजह से भी शिव जी को सावन महीना प्रिय माना जाता है।