ताज महोत्सव : मार्बल के साथ अब लैदर पर पच्चेकारी का हुनर सीख रहे आगरा के कारीगर

ताजमहोत्सव में कानपुर के कारीगर दे रहे प्रशिक्षण,पांच दिवसीय वर्कशॉप का शुभारम्भ

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा। मार्बल पर अपनी पच्चेकारी कला के लिए प्रसिद्ध आगरा के कारीगर अब लैदर पर पच्चेकारी का हुनर भी सीख रहे हैं। ताजमहोत्सव में ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) एवं वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के संयुक्त तत्वावधान में 21 से 26 फरवरी तक आयोजित पांच दिवसीय वर्कशॉप का शुभारम्भ प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश स्मॉल इंडस्ट्री कॉरपोरेशन श्री राजकमल यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

उन्होंने बताया कि यह एक तरह की फ्यूजन तकनीक है, जिसमें पारंपरिक कला को नए रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे लुप्त होती कला को जीवित रखने के साथ-साथ कारीगरों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और लोगों को बेहतरीन उत्पाद प्राप्त होंगे।

इस अवसर पर वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम के सीईओ अंकुश अनामी ने बताया कि कानपुर में लैदर पर पच्चेकारी का कार्य करने वाले मात्र 25–30 कारीगर ही शेष रह गए हैं। आगरा लैदर उद्योग में अग्रणी होने के साथ-साथ मार्बल पच्चेकारी के लिए भी प्रसिद्ध है। ऐसे में यदि कारीगर मार्बल के साथ लैदर पर भी पच्चेकारी का कौशल सीख लें, तो न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि इस विलुप्त होती कला को भी नया जीवन मिलेगा। पांच दिवसीय वर्कशॉप में कानपुर से आए पांच विशेषज्ञ कारीगर आगरा के लगभग 30–35 कारीगरों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। लैदर के पर्स, बैग, बेल्ट आदि पर पच्चेकारी के उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।

डिप्टी कमिश्नर उद्योग,आगरा श्री शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि ओडीओपी को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में यह एक सराहनीय पहल है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ल्ड डिजायनिंग फोरम द्वारा आर्टिज़न्स के साथ B2B मीट का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के जाने-माने लेदर एक्सपोर्टर्स भाग ले रहे हैं। कानपुर से आए प्रमुख उद्योगपति एवं लेदर एक्सपोर्टर आदिल सिद्दीकी ने बताया कि यह पहल लुप्त होती धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच भी बन सकती है। उन्होंने कहा कि जूता उद्योग में अग्रणी निर्यातकों और उनके कारीगरों को यदि यह कला पूरी तरह सिखाई जाए, तो वैश्विक जूता एवं लेदर बाजार, जिसका आकार लगभग 498.81 बिलियन अमेरिकी डॉलर है,उसमें भारत को कुशल कारीगरी के बल पर एक मजबूत और विशिष्ट स्थान प्राप्त हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय जूता व्यापारियों द्वारा पहले से ही इस प्रकार की लैदर पच्चेकारी की मांग लगातार बढ़ रही है।

कार्यक्रम में एमएसएमई के ज्वॉइंट कमिश्नर अनुज कुमार,पुष्पेंद्र सिंह परिहार , प्रतीक्षा अग्निहोत्री, तान्या रावत, रवि सिंह, शक्ति सिंह, धीरज तिवारी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।