हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
लखनऊ : 09 फरवरी,उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के राज्य विधान मंडल के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण में राज्य के समग्र,समावेशी और दीर्घकालिक विकास की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की गई। अभिभाषण में “विकसित उत्तर प्रदेश @2047” के लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए सुशासन, कानून-व्यवस्था,आर्थिक प्रगति,कृषि, स्वास्थ्य,शिक्षा और सामाजिक न्याय के क्षेत्रों में राज्य सरकार की उपलब्धियों और भावी प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया।
राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, निवेश,बुनियादी ढाँचे और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। माफिया और संगठित अपराध के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण और त्वरित न्याय प्रणाली से राज्य में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण सुदृढ़ हुआ है।
अभिभाषण में किसानों की खुशहाली को राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया गया। खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि,न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीद, समयबद्ध गन्ना भुगतान, फसल बीमा, सिंचाई परियोजनाओं और प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के ठोस प्रयासों का उल्लेख किया गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों, MBBS व PG सीटों की संख्या में वृद्धि,आयुष्मान भारत योजना,108 एम्बुलेंस सेवा और सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाओं के विस्तार से आम जन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। डेंगू,इंसेफेलाइटिस और अन्य संक्रामक रोगों में आई उल्लेखनीय कमी को भी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया गया।
शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब निवेश और उद्योग के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है। Ease of Doing Business, डिजिटल गवर्नेंस और MSME प्रोत्साहन से आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
महिला सशक्तिकरण,सामाजिक सुरक्षा, शहरी विकास, स्वच्छता, जल जीवन मिशन और सांस्कृतिक-पर्यटन विकास को भी राज्य की समग्र प्रगति के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में प्रस्तुत किया गया।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश अब केवल संभावनाओं का राज्य नहीं, बल्कि परिणाम देने वाला राज्य बनकर राष्ट्रीय विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर धीरेन्द्र सिंह,विधायक,जेवर ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप का प्रतिबिंब है। आज प्रदेश कानून-व्यवस्था,विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में एक नई पहचान बना रहा है। जेवर और गौतमबुद्ध नगर जैसे क्षेत्रों में आधारभूत ढाँचे,निवेश और रोजगार के नए अवसर इस परिवर्तन का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश अब केवल संभावनाओं का नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देने वाला राज्य बन चुका है और आने वाले वर्षों में देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

