हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो
नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बताया कि ऐतिहासिक भारत-अमेरिका ट्रेड डील डिटेलिंग के आखिरी स्टेज में है, जो बहुत जल्द पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड डील के बाद हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नया दौर शुरू होगा, जिसमें रिश्तों के लिए अपार संभावनाएं हैं।
डॉ.जयशंकर ने अपनी तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा पूरी करने के बाद गुरुवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा अमेरिका की एक प्रोडक्टिव और पॉजिटिव यात्रा पूरी हुई। सेक्रेटरी रूबियो को उनकी गर्मजोशी भरी मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद। ऐतिहासिक भारत-अमेरिका ट्रेड डील डिटेलिंग के आखिरी स्टेज में है, जो बहुत जल्द पूरी हो जाएगी। यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नया दौर शुरू करता है, जिसमें रिश्तों के लिए अपार संभावनाएं हैं।
जयशंकर ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा हमारा क्रिटिकल मिनरल कोऑपरेशन भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में रणनीतिक मुद्दों, रक्षा और ऊर्जा पर बातचीत की उम्मीद है। कुल मिलाकर, एक मजबूत गति साफ दिख रही है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने वाशिंगटन डीसी में क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल में भाषण दिया। इस मिनिस्टीरियल में कई देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें सप्लाई चेन की मजबूती, स्वच्छ ऊर्जा बदलाव और महत्वपूर्ण खनिजों में रणनीतिक सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।
जयशंकर ने इसकी जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा अत्यधिक एकाग्रता की चुनौतियों और संरचित अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से सप्लाई चेन को जोखिम-मुक्त करने के महत्व पर जोर दिया। नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन, रेयर अर्थ कॉरिडोर और जिम्मेदार वाणिज्य सहित पहलों के माध्यम से अधिक लचीलेपन की दिशा में भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला। क्रिटिकल मिनरल्स पर फोर्ज पहल के लिए भारत के समर्थन से अवगत कराया।
डॉ. जयशंकर 2 से 4 फरवरी के बीच अमेरिका के दौरे पर रहे। उनकी यह यात्रा इसलिए काफी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि उनके अमेरिका पहुंचते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते की घोषणा की और साथ ही भारत पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ भी हटा दिया। दोनों देशों के बीच एक बेहतर ट्रेड डील को फाइनल कराने में डॉ. जयशंकर की बड़ी भूमिका रही है।
अपने इस दौरे के दौरान जयशंकर ने वाशिंगटन में कई देशों के अपने समकक्षों से भी मुलाकात की। उन्होंने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद, पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की, सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन, रोमानिया की विदेश मंत्री टोइउ ओआना, इजरायल के अपने समकक्ष गिदोन सार, उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियोर सैदोव सहित कई सहकर्मियों और समकक्षों से मुलाकात की।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

