फतेहपुर सीकरी में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग के डाटा का उपयोग कर प्रदूषण रोकने का होगा प्रयास

भूजल की स्थिति में सुधार को जल संचय तंत्र का सुध्रीकरण करना होगा 

सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा के प्रतिनिधि मंडल ने फतेहपुर सीकरी में की सुधिजनो से मुलाकात .

हिन्दुस्तान वार्ता। ब्यूरो

आगरा : फतेहपुर सीकरी आदर्श नगर पालिका परिषद की सीमा में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र (Air Quality Monitoring Station) स्थापित हो गया है,अब इसके डाटा का उपयोग कर धूलीय कणों को नियंत्रित करने के उपायों को अधिक प्रभावशाली ढंग से उपयोग में लाया जायेगा। यह NPCL KP2 इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन के पास मौजूद है लेकिन अभी उत्तर प्रदेश पोल्लुशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के आगरा कार्यालय द्वारा इसकी देखरेख की जा रही है।

वायु प्रदूषण की चुनौती :

फतेहपुर सीकरी में ग्रीष्म ऋतु शुरू होने से पूर्व ही PM2.5 और PM10 दोनों में मिट्टी और रेत के कणों की हिस्सेदारी बढ़ जाती है। अप्रैल से मानसून शुरू होने तक  थार मरुस्थल से आने वाली धूल भरी हवाओं के दौरान AQI अचानक 'बहुत खराब' या 'गंभीर' श्रेणी में पहुँच जाता है।जिसका असर आगरा महानगर सहित पूरे ताज ट्रिपेजियम जोन पर पडता है।

फतेहपुर सीकरी ताज ट्रिपेजियम जोन में सूक्ष्म धूल के कणों के कणों वाली धूल भरी हवाओं का गेट वे है,अब इन्हें वहीं रोकने का प्रयास होगा,इसके लिए मॉनिटरिंग केन्द्र के डाटा का उपयोग किया जायेगा,यह कहना है आदर्श नगर पालिका परिषद की श्रीमती शबनम इस्लाम का। 

एक जानकारी में उन्होंने कहा कि धूल भरी हवाओं के प्रकोप का सबसे बड़ा कारण क्षेत्र में मानसून के काल के अलावा वर्ष भर क्षेत्र में नमी का बेहद अभाव रहता और वायु  में शुष्कता बनी रहती है।

जलाशय ,तालाब भरना चिंता का विषय :

 श्रीमती शबनम ने कहा कि मौजूदा पर्यावरणीय स्थिति में क्षेत्र के जलाशय,तालाब,पोखरों में मानसून कालीन पानी को थामने मात्र से राहत मिल सकती है। उन्होंने बताया कि हाल में ही उन्होंने तेरह मोरी बांध की मरम्मत करवा के पुन:संचालित करवाने को ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी के अध्यक्ष को पत्र लिखा था,उम्मीद है कि अथॉरिटी शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाही करेगी।

स्प्रिंकलर और एंटी-स्मॉग गन :

फतेहपुर सीकरी नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन ने कहा है,कि वायु प्रदूषण एक गंभीर चुनौती बन चुका है।इससे निपटने के लिये स्प्रिंकलर और एंटी-स्मॉग गन तक का उपयोग किया जाता है। मुख्य चौराहों पर फव्वारे भी लगाए गए हैं। हमारा प्रयास होगा कि फतेहपुर सीकरी में इस स्थिति को बनने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि अगर तेहरामोरी  बांध में मानसून कालीन  पानी का भरना शुरू हो जाये तो प्रदूषण में काफी कमी स्वाभाविक रूप से हो जायेगी।

वरिष्ठ पत्रकार एवं सोशल एक्टिविस्ट राजेन्द्र शुक्ला ने कहा है कि पानी भरने मात्र से हरियाली आच्छादन के उपयुक्त स्थितियां बन जायेंगी। उन्होंने कहा कि ताज ट्रिपेजियम जोन के तहत आने वाला महत्वपूर्ण शहरी निकाय होने के कारण न तो संसाधनों की कोई कमी आएगी और नहीं तकनीकी की।लेकिन योजना बनाकर समय से शासन के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

डाबर गांव के पूर्व प्रधान एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता धर्म सिंह महुरा ने कहा है कि शासन के द्वारा गंगाजल पाइप लाइन से पानी पहुंचाने की महत्वपूर्ण योजना पर काम शुरू हो गया है किंतु यह पानी केवल पीने के उपयोग में ही लाया जायेगा।जबकि अहम जरूरत भूगर्भ जलस्तर के सुधार की है।जो केवल तालाब,पोखरो और तेरह मोरी बांध को पुनः:सुचारू कर ही संभव है।उन्होंने कहा कि जब भी मौका मिलेगा मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर बांध को पुन: सुचारू करवाने का अनुरोध करेंगे।

मानसून कालीन जल संचय :

सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा के जनरल सेक्रेटरी अनिल शर्मा ने बताया कि फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में मानसून कालीन जल को समेट कर रखना ही पानी की कमी को दूर करना एक महत्वपूर्ण संसाधन है।उन्होंने कहा कि खेती,पशुपालन आदि कार्यों के लिये केवल भूजल के स्तर में सुधार ही वास्तविक समाधान है।

प्रतिनिधि मंडल में अनिल शर्मा,राजीव सक्सेना और असलम सलीमी सम्मिलित थे।

रिपोर्ट : असलम सलीमी