रामराज्य का आदर्श अपनाएं,यही है रामकथा का संदेश : भरत उपाध्याय जी

 


बालि-सुग्रीव मित्रता से लेकर लंका विजय और राम राज्याभिषेक तक के प्रसंगों का वर्णन,विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने किया व्यास पूजन

हिन्दुस्तान वार्ता।ब्यूरो

आगरा। गणेश दुर्गा महोत्सव कमेटी के तत्वावधान में लंगड़े की चौकी,शास्त्री नगर स्थित में आयोजित 10 दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ का समापन अत्यंत भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ। अंतिम दिवस पर भगवान श्रीराम की लंका विजय, रावण वध, अयोध्या वापसी और राज्याभिषेक जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया।

कथा के दशम दिवस कथा व्यास भरत उपाध्याय जी ने भगवान श्रीराम और सुग्रीव (बालि प्रसंग सहित) की मित्रता का वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची मित्रता विश्वास, सहयोग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर बालि का वध कर सुग्रीव को उसका अधिकार दिलाया।

इसके पश्चात उन्होंने सुंदरकांड के प्रसंगों का वर्णन करते हुए हनुमान जी की भक्ति, शक्ति और समर्पण को विस्तार से बताया। लंका दहन के प्रसंग पर श्रद्धालु भक्ति भाव में झूम उठे और पूरा पंडाल जय श्रीराम और जय बजरंगबली के उद्घोष से गूंज उठा।

कथा में आगे सेतु निर्माण का प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास ने बताया कि सामूहिक प्रयास और विश्वास से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। भगवान श्रीराम की सेना ने मिलकर समुद्र पर सेतु का निर्माण कर लंका तक पहुंचने का मार्ग बनाया।

इसके बाद रावण वध और अन्य राक्षसों के संहार का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रसंग अधर्म, अहंकार और अन्याय के अंत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चाहे बुराई कितनी ही शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में सत्य और धर्म की ही विजय होती है।

अंत में भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने और राज्याभिषेक का भावपूर्ण वर्णन किया गया। इस प्रसंग पर श्रद्धालुओं ने खड़े होकर जयकारे लगाए और पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। कथा व्यास ने कहा कि रामराज्य आदर्श शासन और सुख-समृद्धि का प्रतीक है, जहां न्याय, धर्म और समानता का वास होता है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने विधिवत व्यास पूजन कर कथा का समापन किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा जैसे आयोजन समाज को संस्कारित करने और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

श्री हनुमंत धाम, लंगड़े की चौकी के महंत गोपी गुरु जी ने कहा कि श्रीराम कथा का समापन केवल आयोजन का अंत नहीं, बल्कि जीवन में राम के आदर्शों को अपनाने की शुरुआत है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे रामायण के संदेशों को अपने जीवन में उतारकर समाज में सद्भाव और नैतिकता को बढ़ावा दें।

इस अवसर पर विपिन जी सह क्षेत्र संघठन मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, रजत जी विभाग संगठन मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जम्मू कश्मीर, डॉ हेमेंद्र विक्रम सिंह, भाजपा महानगर मंत्री नेहा गुप्ता, मुकेश सोलंकी, महंत गोपी गुरु, सोनी सिंह,राघव उपाध्याय,आकाश शर्मा, पुष्कल गुप्ता, उमा उपाध्याय, राजदीप ग्रोवर, लालू जादौन, हिमानी चतुर्वेदी आदि ने आरती की।